खेलते-खेलते काल के गाल में समाए तीन सगे मासूम भाई....
गहरे गड्ढों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की मांग
पूर्णिया। कुल्लाखास पंचायत के वार्ड संख्या-7 स्थित आलमनगर में घर के पास खेल रहे तीन सगे मासूम भाइयों की पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। एक ही परिवार के तीन बच्चों की एक साथ मौत से परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा है।
मृत बच्चों के पिता आलमगीर ने बताया कि रविवार की सुबह करीब आठ बजे उनके तीनों पुत्र मो. मोफिजूल, मो. तफीजूल और सैराजुल घर के समीप खेल रहे थे।
खेलते-खेलते तीनों बच्चे घर से करीब 100 मीटर दूर धर्मकांटा के पास स्थित पानी से भरे गहरे गड्ढे तक पहुंच गए। इसी दौरान तीनों गड्ढे में जा गिरे और गहरे पानी में डूब गए।
घटनास्थल के आसपास मौजूद अन्य बच्चों ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों की मदद से तीनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। तीनों मासूम भाइयों के शव एक साथ देख परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद कसबा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच, पूर्णिया भेज दिया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधान के अनुसार मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की मांग अंचलाधिकारी से की है।
इधर, स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हादसे की बड़ी वजह क्षेत्र में मिट्टी की खुदाई के बाद छोड़े गए गहरे गड्ढे हैं। ग्रामीणों के अनुसार खेत के समीप मिट्टी निकालने के लिए कई फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसमें बारिश का पानी जमा हो गया। गड्ढे के आसपास सुरक्षा घेरा या चेतावनी संकेत नहीं होने से बच्चों के लिए खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे सभी पानी भरे गहरे गड्ढों की पहचान कर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कराने तथा मिट्टी की खुदाई और कथित अवैध खनन के आरोपों की जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
