रद्द GST फर्म से रोडवेज में काम, 60 लाख वसूली का आरोप
शिकोहाबाद डिपो में अनियमितता की शिकायत, भुगतान और डीजल चोरी के आरोपों की विभागीय जांच शुरू
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश रोडवेज के शिकोहाबाद डिपो से जुड़ा एक मामला सामने आया है जिसने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिये हैं आरोप है कि जिस फर्म का जीएसटी पंजीकरण करीब एक वर्ष पहले निरस्त हो चुका था, उसी फर्म से रोडवेज में काम कराया जाता रहा। इतना ही नहीं, जीएसटी के नाम पर बिलों का भुगतान भी कराया गया शिकायतकर्ता ने करीब 60 लाख रुपये की रकम वसूले जाने का आरोप लगाया है।
जसराना क्षेत्र के गांव उत्तरारा निवासी नरेन्द्र कुमार ने मामले की शिकायत क्षेत्रीय प्रबंधक इटावा से की है। शिकायत में आरोप लगाते हुए कहा है, कि तत्कालीन कार्यवाहक क्षेत्रीय प्रबंधक की मिलीभगत से पंजीकरण निरस्त फर्म को रोडवेज में काम दिया गया। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत भी विभाग से अभिलेख और भुगतान संबंधी जानकारी माँगने के साथ डीजल चोरी का भी आरोप लगाया है।
इसके अलावा आरटीआई से मिली जानकारी के आधार पर फर्म संचालक द्वारा मरम्मत कार्य के लिए छह कर्मचारियों की नियुक्ति किये जाने की बात कही गई है। आरोप है। कि बसों में खराबी आने पर बाहर से मजदूर बुलाकर काम कराया जाता है।
क्षेत्रीय प्रबंधक कपिल कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच में यदि कोई अधिकारी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है। तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, शिकायत में लगाए गये आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविंद्र वर्मा वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के फिरोज़ाबाद ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ के साथ वह समाचार कवरेज और रिपोर्टिंग का कार्य कर रहे हैं।
