धर्म डरा धमकाकर नहीं कराया जा सकता --निर्भय सागर
फिरोजाबाद,जैन धर्म के पूज्य आचार्य निर्भय सागर महाराज ने गुरुवार को नगर के जैन नगर खेड़ा स्थित जैन मन्दिर पर धर्म सभा मे उपदेश देते हुए अपने विचारों को रखा
पूज्य महाराज श्री ने कहा कि मानव जीवन अज्ञान को दूर करने आत्मा और प्रकृति के रहस्यों को उद्घाटित करने के लिए मिलता है, लेकिन मानव मोह माया जाल में फंसकर अपने जीवन के लक्ष्य को भूल जाता है। मानव जीवन में परोपकार क्षमा दया सहयोग सात्वन और नैतिक कार्य करना चाहिए। सत्ता पद प्रतिष्ठा और विषय भोग में फंसा हुआ व्यक्ति अपने लक्ष्य से भटक जाता है, और जीवन में कुछ भी उपलब्ध नहीं कर पाता है।
इसलिए पद प्रतिष्ठा और विषय में नहीं फंसना चाहिए। यह उपदेश वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने जैन नगर खेड़ा स्थित जैन मंदिर में दिया। उन्होंने कहा जब व्यक्ति प्रकृति के रहस्यों को नहीं जानते थे , तब इसी भगवान के द्वारा बनाये हुए पानी, ओला, बिजली ,पेड़-पौधे इत्यादि को देवी शक्ति के द्वारा निर्मित मानते थे। लेकिन विज्ञान में इन सब रहस्यों को उद्घाटित कर दिया है। आचार्य श्री ने कहा धर्म डरा धमकाकर नहीं कराया जा सकता है, डरा धमका कर धर्म करने से विसंगतियां तनाव और दुश्मनी पैदा होती है।
धर्म सभा के दौरान निमेष जैन शैली ,रजत जैन ,पंकज जैन, अनुज जैन , अरुण जैन पीली कोठी, विनोद जैन मिलेनियम, अजय जैन एडवोकेट, ललितेश जैन मीडिया प्रभारी मौजूद रहे।
लेखक के बारे में
रविंद्र वर्मा वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के फिरोज़ाबाद ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ के साथ वह समाचार कवरेज और रिपोर्टिंग का कार्य कर रहे हैं।
