प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि प्रदेश की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनें और परिवार की आय बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इसी संकल्प को जनपद प्रतापगढ़ के विकासखण्ड आसपुर देवसरा के ग्राम गोदलपट्टी, पोस्ट अमरगढ़ निवासी रंजना विश्वकर्मा साकार कर रही हैं। रंजना विश्वकर्मा का विवाह शिव कुमार विश्वकर्मा के साथ हुआ है और उनके दो बच्चे हैं। पति शिव कुमार विश्वकर्मा वर्तमान में मुंबई में फर्नीचर व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार की आवश्यकताओं की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उनके पति पर थी। रंजना ने बीए तक शिक्षा प्राप्त की, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वह नौकरी नहीं कर सकीं। घर की जिम्मेदारियों और सीमित आय के बीच उनका जीवन संघर्षपूर्ण था। हालांकि, उनके मन में हमेशा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा थी।
*तरुणमित्र* से बात करते हुए रंजना विश्वकर्मा ने बताया कि वह 02 फरवरी 2020 को एनआरएलएम से जुड़ीं और लक्ष्मीबाई आजीविका स्वयं सहायता समूह में सक्रिय भूमिका निभाने लगीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास मिला। वर्तमान में वह अपने समूह में अध्यक्ष पद का दायित्व निभा रही हैं। एनआरएलएम से जुड़ने के बाद रंजना ने सिलाई एवं पार्लर का कार्य शुरू किया। इसके लिए उन्होंने समूह के माध्यम से लगभग 80 हजार रुपये का ऋण वर्ष 2022में बड़ौदा ग्रामीण बैंक शाखा अमरगढ़ से प्राप्त किया। मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ उन्होंने अपना कार्य आगे बढ़ाया और वर्ष 2023 में लोन अदा भी कर दिया। लक्ष्मी बाई आजीविका स्वयं सहायता समूह में कुल 12 महिलाएं जुड़ी हुई हैं जो गोदलपट्टी गांव की ही रहने वाली है। धीरे-धीरे उनके कार्य से आमदनी होने लगी और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आने लगा। इसके बाद उन्होंने लगभग 10 हजार रुपये की धनराशि लगाकर खेती का कार्य भी शुरू किया। वर्तमान में वह बैंगन सहित अन्य सब्जियों की खेती कर रही हैं। परिवार के सदस्य भी उनके कार्य में सहयोग करते हैं।
रंजना बताती हैं कि एनआरएलएम से जुड़ने से पहले वह आर्थिक रूप से काफी परेशान थीं, लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया।
समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहयोग मिला और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर प्राप्त हुआ। आज वह स्वयं आय अर्जित कर रही हैं और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग कर रही हैं। इसके साथ ही समाज में उनकी पहचान और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। रंजना विश्वकर्मा की सफलता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जिसमें प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की योजनाओं से मिली सहायता, स्वयं सहायता समूह की शक्ति और रंजना की मेहनत ने मिलकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। आज रंजना न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। रंजना की कहानी यह संदेश देती है कि जब सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक पहुंचता है और लाभार्थी मेहनत एवं लगन के साथ आगे बढ़ता है, तो आर्थिक चुनौतियों को अवसर में बदला जा सकता है।
रंजना विश्वकर्मा ने आगे बताया कि 20 जुलाई से 22 जुलाई तक तीन दिवसीय संकुल स्तरीय संघ के प्रशिक्षण में भी पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।