पंचभूतों के संतुलन को समझना हर नागरिक के लिए जरूरी: राष्ट्रपति मुर्मू
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी नागरिक को पंचभूतों के पवित्र संतुलन को समझना जरूरी है। राष्ट्रपति को आज राष्ट्रपति भवन में ‘वृक्ष वेदाम 2.0’ नामक पुस्तक भेंट की गई। इस पुस्तक के लेखक पूर्व सांसद एवं ग्रीन इंडिया चैलेंज के संस्थापक जोगिनपल्ली संतोष कुमार हैं।
इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा, मानवता आज लालच और अति उपभोग के कारण प्रकृति से दूर होती जा रही है और पंचभूतों आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी के पवित्र संतुलन को भूल रही है। हर मनुष्य इन पंचभूतों से निर्मित है और अंतत: इन्हीं में विलीन होता है। इसलिए आवश्यक है कि हम प्रकृति के साथ अपने इस गहरे संबंध को समझें और ‘आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता’ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
