नीट यूजी 2026 के परिणाम घोषित, पंजाब-हरियाणा के छात्र रहे अव्वल,11.21 लाख अभ्यर्थी क्वालिफाई
एनटीए ने गुरुवार देर रात को नीट यूजी 2026 का रिजल्ट जारी किया
- एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते है रिजल्ट
- पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल बने ऑल इंडिया टॉपर
नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET UG 2026 का परिणाम घोषित कर दिया। इस वर्ष करीब 20 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया, जिनमें से 11.21 लाख छात्रों ने मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए निर्धारित पात्रता हासिल की है। अभ्यर्थी अपना स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर देख सकते हैं।
इस बार परीक्षा में कोई भी छात्र 720 में से 720 अंक हासिल नहीं कर सका। वर्ष 2020 और 2021 के बाद यह पहला मौका है जब किसी अभ्यर्थी ने पूर्ण अंक प्राप्त नहीं किए। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से ऑल इंडिया टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया। परीक्षा में 19 छात्रों ने 700 से अधिक और 138 अभ्यर्थियों ने 690 से ज्यादा अंक हासिल किए।
NTA के आंकड़ों के अनुसार, शीर्ष स्थान पाने वाले 93 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने पहली बार NEET परीक्षा दी थी। वहीं, टॉप रैंक हासिल करने वाले 99 प्रतिशत अभ्यर्थियों की आयु 17 से 19 वर्ष के बीच रही। कुल सफल उम्मीदवारों में छात्राओं की भागीदारी सबसे अधिक रही।
पिछले कुछ वर्षों में NEET में छात्राओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। वर्ष 2019 में जहां लगभग 8.39 लाख छात्राओं ने पंजीकरण कराया था, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 13.77 लाख तक पहुंच गई। हालांकि 2025 में इसमें हल्की गिरावट दर्ज हुई और 13.10 लाख छात्राओं ने आवेदन किया। परीक्षा का सफलता प्रतिशत पिछले कई वर्षों से लगभग 56 से 57 प्रतिशत के बीच बना हुआ है।
इस वर्ष 705 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित आठ राज्यों से हैं। पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों से भी स्टेट टॉपर सामने आए हैं। वहीं, लक्षद्वीप से 43 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
NEET परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या लगातार तीसरे वर्ष कम हुई है। वर्ष 2024 में 23.33 लाख, 2025 में 22.09 लाख और 2026 में लगभग 20 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इसी वजह से क्वालिफाई करने वाले छात्रों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है।
इस बार कट-ऑफ में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। सामान्य और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग अंक 144 से बढ़कर 213 हो गया है। वहीं ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के लिए यह सीमा 113 से बढ़कर 177 अंक पहुंच गई। हालांकि, क्वालिफाई करने वाले सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों का प्रतिशत पिछले वर्ष की तुलना में कुछ कम रहा।
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की। यह परीक्षा देश और विदेश के 551 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों पर 13 भाषाओं में संपन्न कराई गई थी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
