होर्मुज हमलों पर भारत ने सख्त रुख अपनाया,कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना अस्वीकार्य
यूएन में ईरान की भूमिका पर जताई चिंता, फ्री नेविगेशन फिर से शुरू करने की उठाई मांग
संयुक्त राष्ट्र। होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल शिपिंग पर हुए हमलों को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने इन घटनाओं की निंदा करते हुए समुद्री मार्गों पर ‘फ्री नेविगेशन’ बहाल करने की मांग की है। भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने परिषद को संबोधित करते हुए कहा कि कमर्शियल जहाजों को सैन्य हमलों का निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं और वैश्विक व्यापार पर गंभीर असर डाल सकते हैं। भारत ने किसी देश का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन संकेत रूप में ईरान की भूमिका पर चिंता जताई गई।
ये खबर भी पढ़े : उपराष्ट्रपति और गृहमंत्री ने देशवासियों से 'नशा मुक्त भारत' बनाने के संकल्प को दोहराने का किया आग्रहउल्लेखनीय है कि भारत ने पहले भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 को सह-प्रायोजित किया था, जिसमें क्षेत्रीय हमलों की कड़ी निंदा की गई थी। होर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इसी रास्ते से देश की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों का बड़ा हिस्सा संचालित होता है। भारत ने कहा कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर उसकी अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ेगा।
भारत ने यह भी बताया कि खाड़ी क्षेत्र में लगभग 10 मिलियन भारतीय रहते और काम करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए जाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि मिडिल ईस्ट की स्थिरता वैश्विक शांति के लिए बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज में स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
