ई डी ने किया 400 करोड़ की पोंजी स्कीम का भंडाफोड़
ई डी की बड़ी कार्रवाई: प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने तमिलनाडु के चेन्नई, इरोड, कोयंबटूर और कृष्णागिरि में 8 ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 400 करोड़ रुपये के कथित पोंजी स्कीम का पर्दाफाश किया है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। जांच में सामने आया कि एस. नवीन कुमार और उसके साथियों ने यूनिक एक्सपोर्ट्स समेत कई कंपनियों के नाम पर लोगों को कृषि उत्पादों के निर्यात में निवेश का झांसा दिया।
कैसे की गई घपलेबाजी?
सामने आई जानकारी के मुताबिक, निवेशकों को कम समय में 200% से ज्यादा मुनाफे का वादा किया गया और नए निवेशक जोड़ने पर कमीशन भी दिया जाता था। ED के मुताबिक, आरोपियों ने कई फर्जी कंपनियां बनाकर निवेशकों से करीब 400 करोड़ रुपये जुटाए और रकम को संपत्तियां खरीदने, फिक्स्ड डिपॉजिट, विदेशी लेनदेन और सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया। छापेमारी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, कई अहम दस्तावेज और दो लग्जरी वाहन जब्त किए गए हैं। मामले की आगे जांच जारी है।
इधर, हैदराबाद में चौंकाने वाला मामला
दूसरी ओर तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से भी हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। यहां एक सरकारी अफसर के घर नोटों के बंडल बरामद हुए हैं। अधिकारी के घर से पांच-पांच सौ रुपये की दो चार गड्डियां नहीं बल्कि पूरी 308 गड्डियां मिली हैं। ये अफसर रिश्वत की रकम पर सोता था और बेड पर गद्दे के नीचे नोट ही नोट भरे थे। हैरानी की बात ये है कि इस अफसर पर भ्रष्टाचार को रोकने की जिम्मेदारी थी। इन महाशय का नाम है सुनकारी नरहरि राव जो कि हैदराबाद में लैंड एंड सर्वे डिपार्टमेंट में डिप्टी डायरेक्टर के तौर पर तैनात है।
एंटी करप्शन ब्रांच ने सुनकारी नरहरि राव के घर समेत 12 ठिकानों पर एक साथ रेड की थी। अफसरों ने बेड का चादर हटाया तो नोट ही नोट भरे थे। ये देखकर अफसर भी हैरान रह गए। सुनकारी नरहरि राव के घर से ही 1 करोड़ 54 लाख का कैश बरामद हुआ है। तलाशी के दौरान ACB को 13 करोड़ पांच लाख से ज्यादा की संपत्ति का पता चला। घर से कैश के अलावा 2 करोड़ 29 लाख रुपये के बैंक बैलेंस का भी पता चला है। 5 करोड़ से ज्यादा की एफडी, सवा किलो से ज्यादा सोना, 8 किलो चांदी, 5 प्लॉट, 4 फ्लैट्स और खेती की जमीन भी मिली। इसके साथ ही डिप्टी डायरेक्टर की पत्नी के नाम पर दो लॉकर भी मिले हैं जिनका खुलना बाकी है।
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
