650 करोड़ के दवा घोटाले के बाद अब एमसीडी में 500 करोड़ के टोल टेंडर घोटाले: अंकुश नारंग
प्रतिस्पर्धा सीमित करने के लिए टेंडर की शर्तों में बदलाव कर चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया - अंकुश नारंग
नीरज अवस्थी
- निगम आयुक्त दिल्लीवालों को बताए, भाजपा के किस नेता के इशारे पर यह बड़ा खेल खेला गया- अंकुश नारंग
- घोटाले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और टेंडर में पारदर्शी समीक्षा की मांग को लेकर निगम आयुक्त को पत्र लिखा है- अंकुश नारंग
नई दिल्ली। दिल्ली में 650 करोड़ रुपए के दावा घोटाले के बाद भाजपा सरकार का एक और करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया। इस बार भाजपा शासित एमसीडी में टोल के टेंडर देने में 500 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है। यह बड़ा खुलासा करते हुए आम आदमी पार्टी वरिष्ठ नेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा की चार इंजन सरकार का एमसीडी के टोल टेंडर में 500 करोड़ रुपए का बड़ा घोटाला सामने आया है। टेंडर की शर्तें इस तरह बनाई गईं कि प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई और चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। इसका सीधा नुकसान एमसीडी के राजस्व और दिल्ली की जनता को होगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता के पैसे पर भ्रष्टाचार नहीं चलेगा। निगम आयुक्त को जवाब देना होगा कि भाजपा के किस नेता के इशारे पर यह बड़ा खेल खेला गया। मैने निगम आयुक्त को पत्र लिख कर मांग की है कि इस कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो और पूरे टेंडर की पारदर्शी समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने दिल्ली एमसीडी के टोल (ईसीसी) टेंडर में 500 करोड़ रुपए का घोटाला किया है। इस घोटाले की वजह से एमसीडी को 500 करोड़ रुपए का कम रेवेन्यू आएगा और यह पैसा सीधे लोगों की जेब से जाएगा।
ये खबर भी पढ़े : सोनम वांगचुक की पत्नी ने सफदरजंग अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक को लिखा पत्र, दूसरे अस्पताल ले जाने की मांगअंकुश नारंग ने कहा कि इस बार टोल टेंडर में भाजपा शासित एमसीडी ने ऐसी शर्तें निकालीं जिससे कंपटीशन खुद-ब-खुद कम हो गया। कुल सात बोलियां आईं, जिनमें से भाजपा ने अपनी मनचाही दो कंपनियों को फेवर किया और उनकी बोलियां स्वीकार कर लीं। योग्य कंपनियों को छोड़कर अपने हिसाब से शर्तें बनाई गई हैं, जिससे दिल्ली की जनता का 500 करोड़ रुपए का भारी नुकसान हुआ है।
अंकुश नारंग ने कहा कि जब से दिल्ली में भाजपा की सरकार और एमसीडी में भाजपा आई है, वे अपने पिछले 15 साल के कार्यकाल की तरह ही फिर से लगातार भ्रष्टाचार करने लगे हैं। इस घोटाले के खिलाफ स्काईलार्क लिमिटेड नाम की एक कंपनी ने कोर्ट में केस भी डाला है। कंपनी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर इस 500 करोड़ के घोटाले और दो कंपनियों को फेवर करने की जानकारी भी दी थी, लेकिन भाजपा के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली की जनता के साथ 500 करोड़ रुपए का छल और भ्रष्टाचार करने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, एमसीडी के महापौर प्रवेश वाही और स्टैंडिंग कमेटी की चेयरमैन सत्या शर्मा को शर्म आनी चाहिए, जिनकी वजह से यह घोटाला हो रहा है और मनचाही कंपनियों को टेंडर दिया जा रहा है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
