बरसात के मौसम में पिएं ये 5 हर्बल टी
तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल और अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह कॉम्बिनेशन गले की खराश और बहती नाक से तुरंत राहत दिलाता है।
बरसात के दिनों में अक्सर पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। पुदीने की चाय न सिर्फ पेट को ठीक रखती है, बल्कि इसमें मौजूद मेंथॉल बंद नाक को खोलने और सिरदर्द को कम करने में भी मदद करता है।
दालचीनी और लौंग दोनों की तासीर गर्म होती है। इनमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर को अंदर से गर्माहट देते हैं और इंफेक्शन से लड़ते हैं।
अगर आपको सूखी खांसी या गले में तेज दर्द है, तो मुलेठी आपके लिए रामबाण है। यह गले को आराम देती है और बलगम को साफ करने में मदद करती है।
हल्दी में करक्यूमिन होता है जो एक पावरफुल इम्यूनिटी बूस्टर है। लेमनग्रास के साथ मिलकर यह चाय वायरल फीवर और बदन दर्द से बचाने में बहुत मददगार साबित होती है।
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
