ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग में टॉप-20 में पहुंची Jio, ऐसा करने वाली अकेली भारतीय टेक कंपनी
नई दिल्ली। ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग में जियो ने बड़ी छलांग लगाई है। वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन यानी WIPO की ताजा पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स ग्लोबल टॉप-20 में पहुंच गई है। गौर करने वाली बात है कि जियो 320 पायदान चढ़कर 20वें स्थान पर पहुंची है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेक्नोलॉजी इकाई जियो ग्लोबल रैंकिंग में जगह बनाने वाली अकेली भारतीय टेक इनोवेटर है।
इस उपलब्धि के साथ ही कंपनी सैमसंग, क्वालकॉम, एलजी, पैनासोनिक, नोकिया, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी ग्लोबल टेक कंपनियों के समूह में शामिल हो गई है।़
देश में ही तैयार हो रही फ्यूचर टेक्नोलॉजी
जियो अब सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं, बल्कि नई टेक्नोलॉजी बनाने वाली एक बड़ी टेक कंपनी बन चुकी है। इस समय जियो ऐसी एडवांस तकनीकों पर काम कर रही है, जो हमारे भविष्य को बदल सकता है। कंपनी ने नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी के लिए पेटेंट फाइल किए हैं। इनमें 5G, आने वाला 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड प्लेटफॉर्म और कंप्यूटर से चलने वाले ऑटोमेशन आदि शामिल है।
इस बड़ी कामयाबी पर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम. अंबानी ने कहा कि दुनिया की टॉप-20 पेटेंट रैंकिंग में जियो का आना हमारे लिए गर्व की बात है। यह हमारी कई सालों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। जियो में लगातार नई और आधुनिक तकनीकों पर इनोवेशन किए जा रहे हैं और आने वाले समय में यह रफ्तार और ज्यादा बढ़ने वाली है।
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जियो की यह कामयाबी इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि जब पूरी दुनिया में नई तकनीकों को पेटेंट कराने की रफ्तार 1 प्रतिशत से भी कम रही, उस दौर में जियो ने रैंकिंग में 320 पायदान की लंबी छलांग लगाई है। यह साबित करता है कि जियो की रिसर्च और डेवलपमेंट टीम ग्लोबल स्तर पर कितनी मजबूत है।
अगर आंकड़ों की बात करें, तो 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 6,817 पेटेंट फाइल किए हैं। कंपनी ने सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशी बाजारों में भी अपना लोहा मनवाया है। कुल पेटेंट्स में से 2,393 भारत में और 4,424 विदेशों में फाइल किए गए हैं। इनमें से 1,009 पेटेंट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंजूरी भी मिल चुकी है, जिसमें 538 भारत के और 471 विदेशी बाजारों के शामिल हैं।
अब भारत बना रही अपनी टेक्नोलॉजी
जियो ने साफ किया है कि उसकी यह कामयाबी सिर्फ कागजों पर नहीं है। कंपनी ने इन आधुनिक तकनीकों को न सिर्फ खुद विकसित किया है, बल्कि इनका बड़े पैमाने पर कमर्शियल इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है। फिलहाल जियो 5G/6G रेडियो, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और जियोब्रेन जैसे एडवांस एजेंटिक AI प्लेटफॉर्म पर काम कर रहा है।
जियो की इस सफलता को भारत के पूरे टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए एक बड़े टर्निंग पॉइंट की तरह देखा जा रहा है। यह दिखाता है कि भारत अब दुनिया की बनाई तकनीकों का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि अब भारत खुद अपनी मूल तकनीकें तैयार कर रहा है और उन्हें पूरी दुनिया के बाजारों तक ले जा रहा है।
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