इमरान खान को इलाज के लिए जेल से अस्पताल ले जाया गया, शिफा इंटरनेशनल में भर्ती की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कड़ी सुरक्षा में आदियाला जेल से इस्लामाबाद पहुंचे पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री, विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे जांच
इस्लामाबाद। रावलपिंडी की आदियाला जेल (रावलपिंडी सेंट्रल जेल) में अगस्त 2023 से बंद अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान को आखिरकार शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल इस्लामाबाद ले जाया गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर समय सीमा खत्म होने से कुछ पहले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल पहुंचा दिया गया ।
द न्यूज और जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अब विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम खान को भर्ती होने के बारे में फैसला करेगी। इमरान खान के शिफा पहुंचने से पहले पुलिस महानिरीक्षक सैयद अली नासिर रिजवी ने वहां का दौरा कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को आदेश दिया था कि पूर्व प्रधानमंत्री को दो दिन के भीतर जेल से अस्पताल पहुंचाया जाए। इस फैसले से बौखलाई संघीय सरकार ने उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ बुधवार को पुनर्विचार याचिका दायर की।
शिफा अस्पताल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अस्पताल के पास सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को भी हटाया गया है। पुलिस ने आदियाला जेल से इमरान खान को ले जाने से पहले पीटीआई चेयरमैन बैरिस्टर गोहर खान को औपचारिक सूचना दी।
73 वर्षीय इमरान खान को कई मामलों में दोषी ठहराया गया है। अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के बाद अपदस्थ किए गए खान को कई गंभीर मामलों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, पीटीआई महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि इमरान को अस्पताल से उनके बानी गाला आवास पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी इमारत को उप जेल घोषित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर चिकित्सक इस नतीजे पर पहुंचते हैं कि उन्हें वापस जेल भेजना उनकी सेहत के लिए नुकसानदेह होगा, तो ऐसे फैसले पर विचार किया जा सकता है।
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को फैसले में आदियाला जेल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पीटीआई संस्थापक को जांच और इलाज के लिए दो दिनों के भीतर शिफा अस्पताल भेजें। अदालत ने इमरान की जांच और इलाज के लिए चिकित्सकों का विशेष दल (मेडिकल बोर्ड) गठित करने का भी आदेश दिया। साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया कि जांच और इलाज के दौरान डॉ. उजमा और पूर्व प्रधानमंत्री के निजी चिकित्सक मौजूद रहें। इस सबका खर्च उनका परिवार वहन करेगा।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
