ट्रंप के बयान से बढ़ी कूटनीतिक हलचल, दोहा में किसी भी बैठक से ईरान का इंकार
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य होने का दावा
तेहरान/वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता को लेकर नए सिरे से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दोहा में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों की बैठक संबंधी दावे को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई वार्ता या बैठक तय नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का कतर दौरा पूरी तरह अलग उद्देश्य से है और इसका अमेरिकी अधिकारियों से किसी संभावित मुलाकात से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापक समझौते पर बातचीत शुरू होने से पहले 14 सूत्रीय सहमति से जुड़ी कई शर्तों का पूरा होना आवश्यक है। इनमें ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों तक पहुंच बहाल करना भी शामिल है।
दूसरी ओर, व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर दोहा पहुंचकर ईरानी प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार यह पहल ईरान के अनुरोध पर हो रही है और इसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में तनाव कम करना है।
इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर राहत की खबर सामने आई है। समुद्री यातायात के ताजा आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही सामान्य रही। इस दौरान कई तेल टैंकर और मालवाहक जहाज सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य से होकर गुजरे, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर तत्काल चिंता कुछ कम हुई है।
हालांकि अमेरिका और ईरान के परस्पर विरोधी बयानों ने मध्य पूर्व की कूटनीतिक स्थिति को फिर अनिश्चित बना दिया है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच संवाद की कोई नई पहल होती है या तनाव और बढ़ता है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
