भारत रेलवे विद्युतीकरण में बना वैश्विक अग्रणी

देश में 99.6 प्रतिशत ब्रॉड गेज नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है और भारत स्विट्जरलैंड के बाद दूसरे स्थान पर

Published By Sanjay srivastava
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गोरखपुर,।केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री  अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में  जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण अभियान से स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिला है, रेल परिवहन, सड़क परिवहन की तुलना में लगभग 89 प्रतिशत कम CO₂ उत्सर्जित करता है

कम कार्बन उत्सर्जन के लिए 1,260 मेगावाट से अधिक सौर और पवन ऊर्जा क्षमता चालू की गई है
*गोरखपुर 22 जुलाई,2026:* भारतीय रेलवे में रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण का कार्य मिशन मोड में शुरू किया गया है। अब तक, ब्रॉड गेज (बीजी) नेटवर्क का लगभग 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। शेष नेटवर्क के विद्युतीकरण का कार्य जारी है। 2014 से पहले (लगभग 60 वर्ष) 21,801 मार्ग किलोमीटर तथा वर्ष 2014-26 के दौरान 48,072 मार्ग किलोमीटर विद्युतीकरण  किया गया है। इसके अलावा, सभी नई लाइन/मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को विद्युतीकरण के साथ स्वीकृत और निर्मित किया जा रहा है।

पत्रकारों की एकजुटता से ही सुरक्षित होंगे अधिकार - जयंत कुमार मिश्र ये खबर भी पढ़े : पत्रकारों की एकजुटता से ही सुरक्षित होंगे अधिकार - जयंत कुमार मिश्र

भारतीय रेलवे ने विश्व के सबसे तेज रेलवे विद्युतीकरण कार्यक्रमों में से एक को अंजाम दिया है। जहां कई देश केवल अपने सबसे व्यस्त यात्री और माल ढुलाई गलियारों के विद्युतीकरण को प्राथमिकता देते हैं, वहीं भारत ने अपने पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क के विद्युतीकरण का विकल्प चुना है। रेलवे विद्युतीकरण में भारतीय रेलवे की उपलब्धि वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय है। अंतर्राष्ट्रीय रेलवे संघ की जून 2025 की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, महत्वपूर्ण रेलवे प्रणालियों में रेलवे विद्युतीकरण - स्विट्जरलैंड में 100 प्रतिशत, भारत में 99.6 प्रतिशत, चीन में 82 प्रतिशत, स्पेन में 67 प्रतिशत, जापान में 64 प्रतिशत, फ्रांस में 60 प्रतिशत, ब्रिटेन में 39 प्रतिशत है। 
नेटवर्क कवरेज के लिहाज से, भारतीय रेलवे अब दुनिया के सबसे व्यापक रूप से विद्युतीकृत बड़े रेलवे सिस्टमों में से एक है। भारतीय रेलवे ने अपने ब्रॉड-गेज नेटवर्क के 99.6 प्रतिशत हिस्से का विद्युतीकरण कर दिया है, जिससे उसने एक दशक में दुनिया के सबसे बड़े अवसंरचना परिवर्तन कार्यक्रमों में से एक को पूरा कर लिया है।

उन्होंने बताया इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन न केवल पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि ऊर्जा कुशल भी है। सड़क परिवहन की तुलना में रेल परिवहन में CO₂ उत्सर्जन में कमी निम्न प्रकार है (संदर्भ: नीति आयोग की रिपोर्ट, जिसका शीर्षक है "भारत में माल ढुलाई को तेजी से सुगम बनाना", जून 2021)। सड़क मार्ग से 1 टन माल को 1 किलोमीटर तक ले जाने पर CO₂ उत्सर्जन 101 ग्राम तथा रेल मार्ग से 1 टन माल को 1 किलोमीटर तक ले जाने पर CO₂ उत्सर्जन 11.5 ग्राम (लगभग 89 प्रतिशत कम) है ।
इसके अलावा, रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होती है, डीजल की खपत घटती है और इसके फलस्वरूप कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। विद्युतीकरण से माल ढुलाई क्षमता और ट्रेनों की गति में सुधार होता है, जिससे यात्रा का समय कम होता है और दक्षता बढ़ती है।

विद्युतीकरण की वजह से 2024-25 में लगभग 108 करोड़ लीटर डीजल की खपत हुई, जो कि 2015-16 में 293 करोड़ लीटर थी। इसके परिणामस्वरूप भारत सरकार ने कर्षण प्रयोजन के लिए डीजल की खपत में 185 करोड़ लीटर की कमी की है। इस कमी से देश के खजाने में बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत हुई है, जो अन्यथा ईंधन के आयात पर खर्च हो जाती। हालांकि विद्युतीकरण से यह बचत संभव हो पाई है।

विद्युतीकृत रेलवे सहज रूप से सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा को कर्षण विद्युत प्रणालियों में शामिल करने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे वे नवीकरणीय बिजली के लिए सबसे प्रभावी परिवहन माध्यम बन जाते हैं। भारतीय रेलवे अपनी रणनीतिक विद्युत खरीद योजना के तहत नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के अधिकतम उपयोग के साथ लगभग 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की दिशा में काम कर रहा है, जो कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने बताया भारतीय रेलवे का उद्देश्य सौर, पवन और हाइब्रिड प्रणालियों जैसे स्रोतों के माध्यम से अपनी विद्युत कर्षण की आवश्यकताओं को क्रमिक रूप से पूरा करना है, ताकि उनके पर्यावरणीय प्रभाव को कम किया जा सके। जून 2026 तक लगभग 1161 मेगावाट के सौर संयंत्र (छतों और भूमि दोनों पर) और लगभग 103 मेगावाट के पवन ऊर्जा संयंत्र चालू हो चुके हैं।

100 प्रतिशत विद्युतीकरण मिशन एक बेहद चुनौतीपूर्ण परियोजना है, क्योंकि इसमें पहले से ही चालू रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण करना शामिल है और कार्यान्वयन के दौरान कई अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे विद्युतीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए भारतीय रेलवे ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं: चालू करने के दौरान आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए परियोजना निगरानी समूह (पीएमजी) पोर्टल का गठन, प्रभावी परियोजना निगरानी तंत्र सुनिश्चित करना, सुनिश्चित निधि और क्षेत्रीय इकाइयों को वित्तीय शक्तियां प्रदान करना।
मध्य रेलवे में 100 प्रतिशत, पूर्वी तटीय रेलवे में 100 प्रतिशत, पूर्व मध्य रेलवे में 100 प्रतिशत, पूर्व रेलवे में 100 प्रतिशत, कोंकण रेलवे में 100 प्रतिशत, कोलकाता मेट्रो में 100 प्रतिशत, उत्तर मध्य रेलवे में 
100 प्रतिशत, उत्तर पूर्वी रेलवे में 100 प्रतिशत, उत्तरी रेलवे में 100 प्रतिशत, दक्षिण मध्य रेलवे में 100 प्रतिशत, दक्षिण तट रेलवे में 100 प्रतिशत, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 100 प्रतिशत, दक्षिण पूर्व रेलवे में 100 प्रतिशत, पश्चिम मध्य रेलवे में 100 प्रतिशत, पश्चिम रेलवे में 100 प्रतिशत, उत्तर पश्चिम रेलवे में 99.8 प्रतिशत, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में 98.7 प्रतिशत तथा दक्षिण रेलवे में 98.7 प्रतिशत, दक्षिण पश्चिम रेलवे में 96.1 प्रतिशत है ।

 

लेखक के बारे में

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पत्रकारिता में 33 वर्षों का अनुभव रखने वाले संजय श्रीवास्तव वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के गोरखपुर ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय और प्रशासनिक मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग के साथ वह निरंतर समाचार कवरेज करते हैं।

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