‘टॉक्सिक’ बच्चों की कहानी नहीं, बड़ों के लिए फेयरी टेल: यश
फिल्म टॉक्सिक पर खुलकर बोले अभिनेता यश
रॉकिंग स्टार यश ने अपनी फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स को लेकर खुलकर बात की और बताया कि दर्शकों को इस फिल्म से क्या उम्मीद रखनी चाहिए। यश के मुताबिक, यह फिल्म सिर्फ एक पारंपरिक कहानी नहीं है, बल्कि इंसानी फितरत के उन गहरे और असहज पहलुओं को भी सामने लाती है, जिन्हें आमतौर पर कहानियों में ज्यादा नहीं दिखाया जाता। यश ने ये बातें राजत शर्मा के शो आप की अदालत में अपनी मौजूदगी के दौरान साझा कीं।
टॉक्सिक के बारे में बात करते हुए, यश ने कहा कि उनके किरदार की हर परत को पूरी सच्चाई के साथ दिखाना बेहद जरूरी था। उन्होंने कहा, “कहानी जहाँ भी पहुँचेगी, इस किरदार की हर परत तक जाना जरूरी है। और मेरे लिए ऐसी कहानी को सबसे प्रामाणिक तरीके से बताया जाना चाहिए। यह एक इंसान के तौर पर मेरे दायरे से भी आगे की बात है।“
यश ने फिल्म की टैगलाइन ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स पर भी बात की और बताया कि यह टैगलाइन ही दर्शकों को फिल्म के अंदाज और कहानी का एक साफ संकेत देती है। उन्होंने कहा, “जब से मैंने इसका टाइटल रखा है, तभी उसके नीचे टैगलाइन भी रखी है। यह बड़ों के लिए एक फेयरी टेल है।”
फिल्म के दर्शकों को लेकर यश ने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया कि टॉक्सिक बच्चों के मनोरंजन के लिए नहीं बनाई गई है। उन्होंने कहा, “बच्चों को यह फिल्म नहीं देखनी है। यह फिल्म बच्चों के लिए नहीं बनाई गई है। सारे बच्चे घर पर ही रहें। यह बिल्कुल साफ है। हमने इसे बच्चों के लिए नहीं बनाया है।”
यश के लिए टॉक्सिक एक जटिल और कई परतों वाली कहानी है, जिसे दर्शक अपने नजरिए से समझ और महसूस कर सकते हैं। फिल्म के किरदारों और उनकी दुनिया को देखने का अनुभव हर दर्शक के लिए अलग हो सकता है। टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स दुनियाभर में 26 अगस्त, 2026 को रिलीज होने के लिए तैयार है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
