पत्नी की हत्या के बाद घर पहुंचकर तेज आवाज में चलाई हनुमान चालीसा
-मृतका की बहन ने हत्यारे पति को बताया साइको
-दो लोगों की हत्या के बाद ख़ुदकुशी का मामला -हत्यारे पति ने स्टेटस लगाया प्रज्ञा और भरत सब जानते हैं
लखनऊ। गुरुवार गोमती नगर में हुए सनसनीखेज हत्या काण्ड चौका देने वाला है। पत्नी की हत्या के बाद मांस घर पहुंचा और तेज आवाज में हनुमान चालीसा चलाई। इसके बाद बहन को गोली मार दी। वहीं अपनी बहन और पत्नी के हत्या के बाद हत्यारे ने अपने मोबाईल पर स्टेटस लगाते हुए लिखा है कि प्रज्ञा और भरत सब जानते हैं। फिर ख़ुदकुशी कर ली। इस स्टेटस के सामने आने के बाद इस घटना पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतका की बहन का बयान सामने आया है। मृतका की बहन प्रज्ञा का कहना है कि उनकी बहन का पति साइको था। वह उनकी बहन को शक की निगाहों से देखता था।
दरअसल, गोमतीनगर में आईआईसीआई बैंक के बाहर गुरुवार दोपहर करीब 12:05 बजे मानस कार से पहुंचा। फोन करके पत्नी दिव्या मिश्रा को ऑफिस से बाहर बुलाया। थोड़ी देर उनसे बातचीत की, फिर गोली मारकर भाग गया। इसके बाद 12:30 बजे वह सीधे 2 किमी दूर अपने घर पहुंचा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मानस पसीने से भीगा हुआ था। अंदर जाने के बाद उसने सबसे पहले कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। फिर टीवी पर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चला दी। इसके बाद मानस ने बहन शीबा की गोली मारकर हत्या कर दी। शीबा मानसिक बीमार थी। उसका इलाज चल रहा था। इसके बाद मानस ने खुद को भी गोली मार ली। दो गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसी भागकर पहुंचे और दरवाजा तोड़ दिया। अंदर भाई-बहन की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। इस दौरान उसने मोबाईल से पर स्टेटस भी लगाया। स्टेटस में लिखा है कि प्रज्ञा और भरत सब जानते हैं। आपको बता दें प्रज्ञा मृतका की बहन है,जबकि भरत उनके पति हैं।
वहीं इस मामले में प्रज्ञा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा है कि उनकी बहन दिव्या मिश्रा लखनऊ के गोमतीनगर आईसीआईसीआई बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर थी वो पति की साइको हरकतों और बहन की पागलपन की बिमारी की वजह से अलग रह रही थी। रोज की तरह वो सुबह नौ बजे दफ़्तर पहुंची थी। दफ़्तर पहुंचने के बाद उसने अपना कामकाज निपटाया उसके बाद वो किसी से चेक-वेक कलेक्ट करने के लिए अपने कलीग के साथ बाहर चली गई। इस दरमियान उसका साइको पति दो रिवॉल्वर के साथ ऑटो से रेकी करने लगा।
जब वो बैंक पहुंची बैंक के गेट पर उसके पति ने पहले पहली रिवॉल्वर से गोली चलायी। फिर रिवॉल्वर की बट से चेहरे सिर पर कई वार किये। पास के सब लोग जान बचाकर भाग गए। फिर दूसरा रिवॉल्वर निकाला उससे फायर किया। माथे पर उसके बहुत बड़े बड़े होल हैं। उन्होंने लिखा दिव्या तुम अब नहीं हो ये यकीन कर पाना मुश्किल है। उन्होंने लिखा कि तुम मम्मी का बेटा थीं। मम्मी का बार बार फोन आ रहा है। मेरी हिम्मत नहीं है कि मैं उनको कह सकूँ की तुम अब नहीं रहीं। दिव्या काश के तुम इतनी सीधी नहीं होतीं। काश के हम आज पूर्णागिरि घूमने चले गए होते। वहीं प्रज्ञा का बयान सामने आने के बाद यह लग रहा है कि वह अपनी बहन के साथ बहार जाने वाली थी। अगर वह चली गई होती तो यह हादसा नहीं होता।
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लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से क्राइम रिपोर्टिंग में सक्रिय सत्य प्रकाश भारती अपराध से जुड़े मामलों पर गहरी पकड़ रखते हैं। तथ्यपरक रिपोर्टिंग और संतुलित प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की पहचान है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
