भारत की सबसे बड़ी ताकत देश की यूनिक हैं महिलाएं :राहुल गांधी
पुणे: पुणे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में छात्राओं से जुड़े तमाम मुद्दों पर बात की। कार्यक्रम के दौरान हजारों की संख्या में छात्राएं शामिल हुईं और उन्होंने राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने देश की महिलाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताया।
कार्यक्रम में क्या बोले राहुल गांधी?
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा, "मेरा पुणे में शानदार स्वागत करने के लिए धन्यवाद। मैं यहां लेक्चर देने नहीं आया हूं, ना ही ये बताने आया हूं कि मैं क्या सोचता हूं। मैं आपसे राजनीति पर बात करने भी नहीं आया हूं। मैं चाहता हूं कि आप खुद को एक्सप्रेस करें, आप क्या सोचते हैं, आप क्या कहना चाहते हैं, ये बताएं। हम यंग लेडीज के साथ आईडियाज भी डिसकस करेंगे।"
राहुल गांधी ने कहा, "मैं आप सभी का यहां स्वागत करता हूं। पहली बार शायद मुझे लड़के कम दिख रहे हैं या दिख ही नहीं रहे और लड़कियां दिखाई दे रही हैं। मैं आपको सबसे पहले कुछ रिमाइंड करवाना चाहता हूं। आप सभी में हर एक इस यूनिवर्स में यूनिक है। आप स्पेशल हैं। आपके पास जीवन के लिए विजन है।"
इंडिया की सबसे बड़ी ताकत यहां की यूनिक महिलाएं हैं: राहुल
राहुल गांधी ने कहा, "इंडिया की सबसे बड़ी ताकत क्या है? कोई कहेगा-इकोनॉमी, कोई कहेगा- हमारी मिलिट्री, कोई कहेगा- हमारा मेडिकल सिस्टम, कोई कहेगा- हमारे लोग, लेकिन मैं पूरी तरह क्लीयर हूं कि भारत की सबसे बड़ी ताकत क्या है, वो हैं हमारे देश की 70 करोड़ यूनिक महिलाएं। कुछ कहेंगे कि ऐसा कैसे? महिलाएं अपने स्वभाव से ज्यादा सेंसटिव हैं, ज्यादा सज्जन हैं, ज्यादा कंपेसिनेट हैं और पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा फॉरवर्ड हैं।"
राहुल गांधी ने कहा, "इंडिया की महिलाएं यंग हैं। वह भारत की सबसे बड़ी पूंजी हैं। लेकिन एक समस्या है कि जब भी हम किसी पुरुष से बात करते हैं तो महिलाओं को 3 बॉक्सेज में रखा जाता है। पहला है बेटी, दूसरा है पत्नी और तीसरा है मां। इसमें कुछ भी गलत नहीं है लेकिन ये आपकी केवल एक आइडेंटिटी नहीं हो सकती। हमारे देश में प्रतिभाशाली महिलाएं हैं।"
राहुल गांधी ने कहा, "आप एक बेटी, पत्नी और मां हैं लेकिन आप सिर्फ उनसे संबंधित ही नहीं हैं, आप खुद से भी संबंधित हैं। इसलिए आज मैं आप लोगों को सुनने आया हूं।"
राहुल ने छात्राओं से क्या कहा? पढ़ें कुछ अहम प्वाइंटर्स-
पिंजरा तोड़ दो।
भारतीय महिलाएं भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।
बेटी, पत्नी या मां होना ही आपकी एकमात्र पहचान नहीं हो सकती।
हर पहचान किसी पुरुष के साथ आपके रिश्ते से जुड़ी होती है।
मनुस्मृति का हवाला देते हुए कहा जाता है कि महिला अपने पिता, पति और बेटे की होती है।
यह मनुस्मृति का सीधा उद्धरण है। ये शब्द शर्मनाक हैं; इन्हें कभी नहीं बोला जाना चाहिए।
महिलाओं को स्वतंत्र होना चाहिए; आप खुद के अलावा किसी और की नहीं हैं। आपकी अपनी पहचान है।
महिलाएं स्वभाव से पुरुषों की तुलना में ज़्यादा संवेदनशील, कोमल, दयालु और भविष्य की सोच रखने वाली होती हैं।
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
