बेसमेंट से तीसरी मंजिल तक पहुंचा निर्माण, विभाग को नहीं लगी भनक
पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन के सामने बेसमेंट समेत खड़ी हुई तीन मंजिला इमारत, जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
उन्नाव। जनपद में अवैध और मानकविहीन निर्माणों पर शिकंजा कसने के जिलाधिकारी घनश्याम मीना के निर्देशों के बावजूद शहर में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रशासनिक सख्ती के दावों के बीच अवैध निर्माण का कारोबार बेखौफ जारी है और जिम्मेदार विभाग तमाशबीन बने हुए हैं। ताजा मामला शहर स्थित पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन के सामने का है, जहां बेसमेंट सहित तीन मंजिला इमारत लगभग बनकर तैयार हो चुकी है। हैरत की बात यह है कि इतने बड़े निर्माण कार्य के बावजूद संबंधित विभाग की निगाहें इस ओर नहीं पड़ीं या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई। ऐसे में विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। गौरतलब है कि हाल ही में जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने शहर में बने बेसमेंटों की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर नियमों के विपरीत हुए निर्माणों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शहर के विभिन्न इलाकों में बिना स्वीकृत मानचित्र और मानकों की अनदेखी कर बहुमंजिला इमारतें खड़ी की जा रही हैं। इससे प्रशासनिक आदेशों की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले से बने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई बाद की बात है, लेकिन नए निर्माणों को समय रहते रोका जाना अधिक आवश्यक है। यदि संबंधित विभाग नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई करे तो अवैध निर्माणों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। मामले में उन्नाव विकास प्राधिकरण (यूडीए) के जेई कमलदीप से संपर्क कर पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। ऐसे में विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद भी शहर में अवैध निर्माण कैसे फल-फूल रहे हैं? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता इन निर्माणों को संरक्षण दे रही है, या फिर कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित है? इन सवालों का जवाब प्रशासनिक जांच और आगामी कार्रवाई ही दे सकेगी।
हादसों से नहीं ले रहे सबक
दिल्ली और लखनऊ की दर्दनाक घटनाओं के बावजूद अवैध एवं मानकविहीन निर्माणों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। हाल ही में दिल्ली में हुए हादसे में कई लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद कुछ दिन पूर्व लखनऊ में आग लगने की भीषण घटना में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने सुरक्षा मानकों और बेसमेंट निर्माणों की जांच के निर्देश दिए थे, लेकिन उन्नाव में अब भी नियमों को दरकिनार कर बहुमंजिला इमारतों का निर्माण जारी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं कराया गया तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या बोले सहायक अभियंता?
मामले में जब एई अरविंद उपाध्याय से निर्माण कार्य की जानकारी करने के लिए फोन मिलाया गया तो उन्होंने पहले तो फोन नहीं उठाया उसके बाद जब फोन उठाया तो उन्होंने पूरी बात सुनकर खुद कोई जानकारी देना उचित नहीं समझा उन्होंने जेई से बात करने की सलाह दी। लेकिन जेई का फोन नहीं उठा।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में छह वर्षों का अनुभव रखने वाले मनीष तिवारी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के उन्नाव ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उन्नाव में आधारित रहते हुए वह क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग और सटीक कवरेज करते हैं।
