जांच में खुली अस्पतालों की पोल: एसडीएम और एसीएमओ को कागजों में मिली नुमन्य सुविधाएं
मोहनलालगंज। सरकार की सख्ती के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अब कागजों में चाक चौबंद चल रहे प्राइवेट अस्पतालों की रियलिटी चेक का अभियान छेड़ दिया है। पहले चरण में आयुष्मान भारत योजना में इंपैनल्ड अस्पतालों की जांच शुरू की गई है। गुरुवार को संयुक्त टीम ने गोसाईंगंज के एक अस्पताल में तमाम खामियां पाकर जिला प्रशासन को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी है। जबकि अन्य डेढ़ दर्जन अस्पतालों की अभी जांच की जानी है।
मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र में तकरीबन डेढ़ दर्जन प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान भारत योजना में इंपैनल्ड हैं। जिनमें योजना के लाभार्थी मरीजों की भर्ती कर सरकारी खजाने से उनके इलाज का खर्च लिया जा रहा है। अलीगंज में भीषण अग्निकांड में 15 जिन्दगियां भेंट चढ़ने के बाद अब जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग के साथ इन सभी अस्पतालों की गहन जांच की मुहिम शुरू कर दी है।
गुरुवार को एसडीएम पवन पटेल एसीएमओ अतुल सिंहल और एफएसओ सत्येन्द्र सिंह के साथ गोसाईंगंज के आरएस मेडिकल सेंटर और मिश्रा पॉलीक्लिनिक की विधिवत जांच की। एसडीएम के मुताबिक आरएस मेडिकल सेंटर में सरकार द्वारा अनुमन्य विभिन्न सुविधाएं महज कागजों में मौजूद मिली। अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ से लेकर संसाधनों की मौजूदगी तक में गड़बड़ी मिली।
इसके अलावा कई अन्य मानक भी दरकिनार मिले। जिसे लेकर विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। जबकि मिश्रा पॉलीक्लिनिक में कुछ सामान्य खामियां मिली जिन्हें सुधारने की हिदायत दी गई है। एसडीएम ने बताया तहसील क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना के मरीजों की भर्ती करने वाले सभी प्राइवेट अस्पतालों की गहनता से जांच कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
