सदर पशु चिकित्सालय में अनियमितताओं की चर्चा, जांच की उठी मांग
वैक्सीन बिक्री, दवा भंडारण और स्टोर संचालन को लेकर विभाग में चर्चाएं तेज
उन्नाव। सदर पशु चिकित्सालय में इन दिनों वैक्सीन की बिक्री, दवा भंडारण और केंद्रीय स्टोर के संचालन को लेकर विभागीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जब से डिप्टी सीवीओ हरिओम पटेल को प्रभारी बनाया गया है, तब से अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों का दावा है कि 7 इन 1 तथा 9 इन 1 वैक्सीन की बिक्री में भारी कमीशनखोरी की चर्चा है। आरोप है कि कम कीमत वाली वैक्सीन पशुपालकों को अधिक मूल्य पर उपलब्ध कराई जा रही है। विभागीय चर्चाओं के अनुसार प्रतिदिन कई वैक्सीन लगाई जाती हैं, जिनके क्रय-विक्रय की प्रक्रिया की जांच की मांग की जा रही है।
एंटी रेबीज वैक्सीन वितरण पर भी सवाल
विभागीय चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही एंटी रेबीज वैक्सीन के वितरण में भी अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि यदि हाल के महीनों में रजिस्टर में दर्ज एंटी रेबीज वैक्सीन के वितरण और खपत का सत्यापन कराया जाए तो स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
केंद्रीय स्टोर की व्यवस्था पर उठे प्रश्न
सूत्रों के अनुसार अस्पताल के केंद्रीय स्टोर की चाबी एक निजी कर्मी के पास रहने की चर्चा है, जिससे स्टोर से सामान के निर्गमन और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि स्टोर की स्वतंत्र जांच कराई जाए तो कई तथ्य सामने आ सकते हैं।
साफ-सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी
अस्पताल परिसर में साफ-सफाई को लेकर भी शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि नियमित सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और केवल निरीक्षण की सूचना मिलने पर विशेष सफाई कराई जाती है।
निष्पक्ष जांच की मांग
विभागीय सूत्रों और संबंधित लोगों का कहना है कि वैक्सीन खरीद-बिक्री, एंटी रेबीज वैक्सीन वितरण, दवा भंडारण तथा केंद्रीय स्टोर के रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिससे वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में छह वर्षों का अनुभव रखने वाले मनीष तिवारी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के उन्नाव ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उन्नाव में आधारित रहते हुए वह क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग और सटीक कवरेज करते हैं।
