इस पेड़ की खेती से किसान कमा सकते हैं करोड़ों, जानें कैसे

Published By Subhash Pandey
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महोगनी की लकड़ी: खेती में किसान अक्सर ऐसी फसल की तलाश करते हैं जिसमें मेहनत की जाए तो अच्छा खासा मुनाफा भी मिले. और यह वजह है कि कई किसान अलग-अलग तरह के पेड़ उगाते हैं. जो कि उनके भविष्य के लिए अच्छी कमाई का जरिया बन जाते हैं. और इसमें महोगनी का पेड़ उन चुनिंदा पेड़ों में शामिल है. जो दूसरी सामान्य फसलों से अलग लंबे समय तक मुनाफा देता है. इसकी लकड़ी मजबूत होने के साथ लंबे समय तक खराब नहीं होती. यही वजह है कि फर्नीचर से लेकर जहाज बनाने तक कई कामों में इसकी मांग रहती है. 

महोगनी की एक अच्छी बात यह भी है कि पेड़ के दूसरे हिस्से भी बेकार नहीं जाते. पत्तियां प्राकृतिक खाद का काम करती हैं. बीज, जड़, छाल और टहनियों से भी कमाई हो जाती है. एक एकड़ में आप करीब 120 पेड़ लगा सकते हैंय जिसमें शुरुआती लागत करीब 40 से 50 हजार रुपये के आसपास आती है. पेड़ तैयार होने में करीब 10 से 12 साल लग सकते हैं. इसमें इंतजार भले ही लंबा हो लेकिन जब मुनाफा मिलता है तो वह करोड़ो में पहुंच सकता है. 

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महोगनी की लकड़ी की इतनी डिमांड क्यों है?
महोगनी को मजबूत और टिकाऊ लकड़ी के लिए जाना जाता है. इसकी लकड़ी लाल और भूरे रंग की होती है. इसकी खास बात यह है कि लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद भी इसके खराब होने की चांस कम रहते हैं. इसी वजह से इसका इस्तेमाल फर्नीचर और प्लाइवुड बनाने में किया जाता है. जहाज बनाने में भी महोगनी की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है. सजावटी सामान और मूर्तियां बनाने में भी इसकी मांग रहती है. 

यानी पेड़ तैयार होने के बाद किसान के पास इसे बेचने के कई जरिया मिल जाते हैं. इतना ही नहीं इसकी छाल. पत्तियां और बीज भी इस्तेमाल में लाए जाते हैं. बीज और पत्तियों से मिलने वाले तेल का इस्तेमाल मच्छर भगाने वाले प्रोडक्स और कीटनाशकों में किया जाता है. साबुन. इत्र और बाम बनाने में भी इसके तेल के इस्तेमाल होता है. तो इसके फूल. छाल और बीज दवाई बनाने के काम भी आते हैं.

ऐसे करें महोगनी के पौधों की रोपाई
महोगनी की खेती के लिए सबसे पहले जमीन का चुनाव सही होना चाहिए. ऐसी जमीन बेहतर मानी जाती है जहां मिट्टी उपजाऊ हो और पानी की निकासी अच्छी हो. जलभराव वाली जमीन में पौधे लगाने से बचना चाहिए. बहुत पथरीली जमीन भी इसके लिए सही नहीं मानी जाती. इसकी जड़ें बहुत गहराई तक नहीं जातीं. इसलिए तेज हवा वाले इलाके में पौधों की सुरक्षा का खास ध्यान रखना जरूरी है. 

रोपाई के लिए मानसून का समय यानी जून से अगस्त का वक्त सही रहता है. पौधे लगाने से करीब एक महीने पहले खेत में गड्ढे तैयार कर लें. करीब 4 से 6 फीट की दूरी रखते हुए 2 फीट चौड़े और 1 फीट गहरे गड्ढे बनाए जा सकते हैं. पौधों की रोपाई के बाद अच्छी सिंचाई करें. गर्मियों में 5 से 7 दिन के अंतर पर पानी देने की सलाह दी गई है. सर्दियों में यह अंतर करीब 15 से 20 दिन तक रखा जा सकता है. 

एक एकड़ में 120 पेड़ से कितना फायदा?
महोगनी की खेती में सबसे ज्यादा चर्चा इसके मुनाफे को लेकर होती है. एक एकड़ जमीन में करीब 120 पेड़ लगाए जा सकते हैं. इसके पौधे में लगाने 40 से 50 हजार रुपये का शुरुआती खर्च आता है. पेड़ विकसित होने के बाद एक पेड़ की कीमत करीब 20 से 30 हजार रुपये तक बताई गई है. इस हिसाब से केवल पेड़ों की बिक्री से ही अच्छी रकम बन सकती है. इसके अलावा बीज से भी आमदनी का रास्ता खुलता है. 

महोगनी का पेड़ करीब पांच साल में एक बार बीज देता है और एक पौधे से करीब पांच किलो तक बीज मिलने की बात कही गई है. पेड़ करीब 10 से 12 साल में लकड़ी के लिए तैयार हो सकता है. यानी इससे कमाई के लिए किसान को थोड़ा ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा. 

 

 

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लेखक के बारे में

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सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।

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