ओबीसी वर्ग के 38 लाख छात्रों को मिलेगी छात्रवृत्ति
लखनऊ। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की पूर्वदशम, दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत इस सत्र के लिए आवेदन 11 अगस्त से शुरू होगी। इस वित्तीय वर्ष में करीब 38 लाख छात्रो को यह सुविधा देने का लक्ष्य तय किया गया है।
इस योजना में पिछले 9 वर्षों में करीब 22 करोड़ से अधिक छात्रों को आर्थिक सहायता मिल चुकी है।
छात्रवृत्ति योजना का असर साल दर साल बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2025-26 में पिछड़ा वर्ग के 36 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत आर्थिक सहायतादी गई। पूर्वदशम में कक्षा 9 और 10 की छात्रवृत्ति योजना के तहत 8.88 लाख छात्रों के बैंक खातों में कुल 219.64 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी गई थी। साथ ही दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत इंटरमीडिएट से लेकर उच्च शिक्षा तक के 27.86 लाख छात्रों को कुल 2882.02 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। योजना के तहत ऐसे विद्यार्थियों को लाभ दिया जाता है, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 2 लाख रुपये तक है। छात्रवृत्ति की मदद से विद्यार्थियों को फीस, पाठ्यक्रम से जुड़े खर्च और पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल रही है। छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था को और पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया 11 अगस्त से शुरू हो रही है। उन्होंने पात्र छात्रों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आॅनलाइन आवेदन करना होगा। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाया गया है तथा सत्यापन के बाद पात्र छात्रों के बैंक खातों में धनराशि भेजी जाती है।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
