अंतिम चरण के मतदान में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था, केंद्रीय बलों के साथ एनआईए की निगरानी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान बुधवार सुबह सात बजे कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शुरू हो गया।
निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। इस चरण में कुल 2,343 कंपनियां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनात की गई हैं। पहली बार किसी चुनाव में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को भी निगरानी व्यवस्था में शामिल किया गया है।
पूरी चुनावी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कोलकाता स्थित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से की जा रही है, जिसे सात क्लस्टरों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक क्लस्टर की जिम्मेदारी एक नोडल अधिकारी को सौंपी गई है।
हर मतदान केंद्र के आसपास सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है और लाइव फीड सीधे नियंत्रण कक्ष तक पहुंच रही है। इसके अलावा सीएपीएफ का नियंत्रण तंत्र राज्य और जिला स्तर के चुनाव अधिकारियों से भी जुड़ा हुआ है, जिससे समन्वय और निगरानी व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए छह हजार से अधिक क्विक रिस्पॉन्स टीमों का गठन किया गया है, जबकि संवेदनशील इलाकों में बख्तरबंद वाहनों से लगातार गश्त की जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 274 कंपनियां कोलकाता पुलिस क्षेत्र में तैनात की गई हैं, जबकि पूर्व बर्दवान और हुगली ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। हावड़ा, डायमंड हार्बर, बैरकपुर, बारासात और सुंदरबन सहित कई पुलिस जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
चुनाव आयोग ने 142 जनरल ऑब्जर्वर और 95 पुलिस ऑब्जर्वर की भी तैनाती की है, जो पूरी मतदान प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं। इसके अलावा गड़बड़ी के आशंका वाले इलाकों में निगरानी की विशेष जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एनआईए को सौंपी गई है। एजेंसी की टीम में मंगलवार को ही संवेदनशील इलाकों में पहुंच गई थी।
इस चरण में राज्य की कुल 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, जिनमें लगभग 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। कुल 1,448 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला ईवीएम में दर्ज होगा।
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