स्कूल शिक्षा पर भरोसा बहाल करना प्राथमिकता, भर्ती विवाद पर बोले मंत्री दीपक बर्मन
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नए स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने गुरुवार को विभाग का कार्यभार संभालने के बाद कहा कि राज्य सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य विद्यार्थियों का स्कूल शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा फिर से कायम करना है।
हालांकि, उन्होंने स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) भर्ती विवाद पर तत्काल कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि पहले पूरे मामले को समझना आवश्यक है।
फालाकाटा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक दीपक बर्मन ने कहा कि एसएससी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई मामले अभी अदालतों में लंबित हैं। ऐसे में बिना सभी पहलुओं का अध्ययन किए कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा, “एसएससी को लेकर बहुत सारे मामले चल रहे हैं। पूरा विषय समझे बिना मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। पहले मुझे पूरी स्थिति का अध्ययन करने दीजिए। इसमें थोड़ा समय लगेगा। इतनी जल्दी हालात नहीं बदलेंगे।”
राज्य में नौ मई को भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण के बाद पूर्ववर्ती सरकार द्वारा नियुक्त कई पदाधिकारियों को हटाया गया था। इसके परिणामस्वरूप इस समय स्कूल सेवा आयोग के अध्यक्ष और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं। इन पदों के खाली होने से भर्ती प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है।
स्थिति को संभालने के लिए हाल ही में जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआई) को अतिरिक्त जिम्मेदारियां देकर व्यवस्था चलाने का प्रयास किया जा रहा है। एसएससी के केंद्रीय कार्यालय में भी फिलहाल कार्यवाहक व्यवस्था के जरिए कामकाज संचालित हो रहा है। शिक्षा मंत्री ने संकेत दिया है कि इस प्रशासनिक और भर्ती संबंधी जटिलता का समाधान तत्काल संभव नहीं है।
इस बीच, योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। कई ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने दोबारा परीक्षा देकर अपनी योग्यता साबित की है, लेकिन उनकी नियुक्ति और कार्यभार ग्रहण करने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
ये खबर भी पढ़े : तृणमूल नेता ने खेत में छुपाई मुद्रा, खुदाई में 500 के नोटों का अंबार, रातभर चली गिनतीवहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी नए विवाद की आशंका जताई जा रही है। नई सरकार ने 2010 के बाद लागू ओबीसी नियमों को निरस्त करने की मंशा जताई है, जिससे अनेक अभ्यर्थियों की पात्रता प्रभावित हो सकती है।
शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा चुनौतियों पर बोलते हुए दीपक बर्मन ने स्वीकार किया कि राज्य के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। कहीं शिक्षकों की भारी कमी है तो कहीं छात्र संख्या लगातार घट रही है और शिक्षक स्कूलों में मौजूद रहने के बावजूद पर्याप्त विद्यार्थी नहीं पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा, “सभी को एक छत के नीचे लाने का प्रयास किया जाएगा। स्कूल शिक्षा व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास फिर से स्थापित करने के लिए सरकार सक्रिय रूप से काम करेगी।”
नए शिक्षा मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य की शिक्षा व्यवस्था भर्ती विवाद, प्रशासनिक रिक्तियों और घटती छात्र उपस्थिति जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। सरकार के सामने अब शिक्षा क्षेत्र में स्थिरता और भरोसा बहाल करने की बड़ी जिम्मेदारी है।'
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