श्रमिकों, रोजगार सेवकों को मिलेगा कैशलेस इलाज
डिप्टी सीएम ने प्रस्ताव तैयार करने के दिये निर्देश
लखनऊ। स्वयं सहायता समूहों, वीबीजी-राम-जी योजना के श्रमिकों, रोजगार सेवकों, बीआरपी एवं सीआरपी कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की कवायद तेज हो गयी है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस बाबत विभागीय अधिकारियों को जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये।
उप मुख्यमंत्री ने रोजगार सेवकों के ईपीएफ भुगतान से संबंधित आ रही परेशानियों का जिक्र करते हुए इनका समाधान करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर योजना के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का बंटवारा संबंधित अधिकारियों को किया जाए, ताकि विकास कार्यों एवं रोजगार सृजन में अनावश्यक विलंब न हो। ग्राम प्रधानों को वीबीजी-राम-जी योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की समिति गठित की जाए और प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण हो सके।
महिला श्रमिकों को अधिक से अधिक जोड़ने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को और मजबूत किया जाए। ग्राम चौपाल जन समस्याओं को गांव स्तर पर समाधान का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि शासन स्तर से इसकी नियमित समीक्षा की जा सके। केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को जीवित रखना और उनका संरक्षण करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सीआरडी के प्रशिक्षण संस्थानों क े निमार्णाधीन भवनों को जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए। उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों के निर्माण में एफडीआर तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
विधायक निधि से संबंधित कार्यों एवं धनराशि के आवंटन में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास जीएस प्रियदर्शी, सोशल आॅडिट सेल के निदेशक शैलेंद्र कुमार सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण शिव सहाय अवस्थी, मिशन निदेशक अरुण कुमार, विशेष सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार, विशेष कार्याधिकारी वित्त प्रतिभा मिश्रा, विशेष सचिव ग्राम्य विकास जयंत यादव, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी संजय कुमार सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
