मोहनलालगंज में धर्मांतरण के प्रयास को लेकर ग्रामीणों का जोरदार हंगामा
सात लोगों को पकड़कर पुलिस को सौंपा
- धर्मांतरण की कोशिश का मामला उजागर होने के बाद इलाके में मचा हड़कंप
मोहनलालगंज। मोहनलालगंज के भरोसवा में बुधवार की रात गांव के लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने की शिकायत को लेकर जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने धर्मांतरण की कोशिश का विरोध कर बोलेरो सवार लोगों को रोंककर पूरे मामले की शिकायत पुलिस से कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद एफआईआर दर्ज कर तमिलनाडु से आए दो लोगों समेत सात आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। उधर धर्मांतरण की कोशिश का मामला उजागर होने के बाद समूचे इलाके में हड़कंप मच गया है।
मोहनलालगंज के भरोसवा गांव में पिछले कुछ वर्षों से तमिलनाडु से आए दंपत्ति ग्रामीणों को तरह तरह का प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं । ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ परिवार इन बाहरी लोगों के नेटवर्क से जुड़कर अन्य लोगों को भी चमत्कार का झांसा और रुपयों का लालच देकर धर्मांतरण कराने का प्रयास कर रहे हैं। बुधवार की रात इसी कोशिश में बोलरो सवार कुछ लोग गांव पहुंच गए और ग्रामीणों पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने लगे। इसी बीच कुछ जागरूक ग्रामीणों ने धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का विरोध कर हंगामा शुरू कर दिया।
आरोप है कि गिरोह में शामिल आरोपी ग्रामीणों को अपने रसूख और रुपयों का लालच देकर धमकाने लगे। काफी देर तक चले हंगामे और कहासुनी के बाद ग्रामीणों ने बोलेरो सवार लोगों को रोक लिया और मामले की सूचना 112 नंबर पर दे दी। पुलिस टीम के पहुंचते ही ग्रामीणों ने आरोपियों की सारी करतूत पुलिस के सामने बेपर्दा कर दी। ग्रामीणों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो हड़कंप मच गया। आनन फानन पुलिस टीम बोलेरो को कब्जे में लेकर आरोपियों को थाने लेकर चली आई।
एडीसीपी रल्लापल्ली वसंथ कुमार ने बताया धर्मांतरण के लिए दबाव डालने की शिकायत पर सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक गांव के अमित कुमार की तहरीर पर हरिकंश गढ़ी निवासी डेनियल उसकी पत्नी सबला भरोसवा निवासी चंद्रभान उसकी पत्नी आरती और सीमा अजय रावत व उसकी पत्नी शीला के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर गहनता से छानबीन की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संतान सुख और रुपयों का लालच देकर बना रहे धर्मांतरण का दबाव
मोहनलालगंज के भरोसवा गांव में धर्मांतरण गिरोह पिछले कई वर्षो से अपने मिशन में जुटा हुआ है। ग्रामीणों की मानें तो तमिलनाडु से आए दंपत्ति ने गरीब जरूरतमंद और निःसंतान ग्रामीणों को संतान सुख और रुपयों का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए तैयार किया। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक गांव के आधा दर्जन से अधिक परिवार धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़कर गांव के अन्य लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए राजी करने की मुहिम चला रहे हैं। विरोध जताने पर लोगों को चमत्कार और ऊंची पहुंच का हवाला देकर चुप करा दिया जाता है।
धर्मांतरण के बाद झोपड़ी से आलीशान मकान में पहुंचे दो परिवार
मोहनलालगंज के भरोसवा गांव में धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़ने के बाद अचानक दो परिवारों का रहन सहन बदल गया है। ग्रामीणों की मानें तो दड़बे में रहने वाले यह परिवार अब आलीशान मकान के मालिक बन चुके हैं। गांव के दूसरे ग्रामीणों को भी अपनी बदली तकदीर की नजीर देकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ जागरूक ग्रामीणों ने धर्मांतरण गिरोह की कोशिश का पूर्व में ही विरोध किया था। जिसके बाद एक परिवार ने गांव से बाहर अपना ठिकाना बना लिया है। अकेले मकान में धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने की अवैध गतिविधियां चालू कर रखी हैं।
15 वर्षों से धर्मांतरण गिरोह सक्रिय ,जिम्मेदार बेखबर
मोहनलालगंज निगोहां और नगराम इलाके में पिछले 15 वर्षों से धर्मांतरण गिरोह तेजी से अपनी जड़ें जमा रहा है। श्री राम सनातन सेवा संगठन के अध्यक्ष विमलेश शर्मा ने दावा किया कि गिरोह के लोग गांव गांव जाकर बीमार और जरूरतमंद लोगों को सॉफ्ट टारगेट बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहे हैं। शर्मा ने आरोप लगाया उनके संगठन के सदस्य लगातार धर्मांतरण के विरुद्ध अभियान चलाकर उसे रोकने के भरसक प्रयास कर रहे हैं। लेकिन गांवों में तैनात सचिव लेखपाल और बीट के पुलिस कर्मी बखूबी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे। जिसकी वजह से धर्मांतरण गिरोह पर शिकंजा नही कस पा रहा है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
