कंधे पर कांवर, हाथों में तिरंगा; कांवड़ियों ने दिया जल संरक्षण का अनूठा संदेश
वाराणसी में कांवड़ियों ने जल संरक्षण का लिया संकल्प
- बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ गूंजा गंगा घाट
वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में श्रावण मास के तीसरे दिन शनिवार को दशाश्वमेध घाट पर आस्था और देशभक्ति का नजारा दिखा। कंधे पर कांवर और हाथों में तिरंगा लहराते कांवड़ियों ने नमामि गंगे के स्वयंसेवकों के साथ गंगा की निर्मलता और जलसंरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान गंगा घाट पर बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ भारत माता की जय के गगनभेदी नारे भी लगे।
सावन माह में गेरुआ रंग में रंगे कंधे पर गंगा जल से भरे कांवर उठाए कांवड़ियों का उत्साह देख आम स्नानार्थी भी हर-हर महादेव का उद्घोष करते रहे। गंगा सेवक राजेश शुक्ला के आह्वान पर श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे स्वच्छता का संकल्प दोहराया।
गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने इस दौरान कहा कि कांवड़ियों द्वारा तिरंगा लेकर जल संरक्षण के लिए हम सभी का दायित्व बताना एक प्रेरणादायक संदेश है। कांवड़ यात्रा के दौरान पर्यावरण और देश प्रेम की अनूठी मिसाल पेश करते हुए समाज में जल संचय की भावना को मजबूत करना हम सभी का परम कर्तव्य है। कार्यक्रम में कांवड़िया अभिनव सिंह, नकुल पाण्डेय ने भी लोगों को जागरूक किया।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
