श्रावण प्रकृति संरक्षण और सहअस्तित्व का संदेश देता है : योगी आदित्यनाथ
-श्रावण माह पर प्रदेशवासियों के लिए मुख्यमंत्री योगी ने लिखी पाती
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावण मास पर प्रदेशवासियों के लिए पाती लिखी है। श्रावण मास के पहले सोमवार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिठ्ठी लिखकर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रावण लोकमंगल, श्रम-सम्मान और सामूहिकता का पावन पर्व है। इस पूरे माह भगवान शिव की विशेष आराधना की जाती है। शिव आराधना संयम, सेवा और समरसता का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान शिव का हलाहल पान सर्वोच्च त्याग का प्रतीक है। श्रावण में धान रोपाई के बाद सहभोज, साझा संस्कृति और सामूहिक श्रम का जीवंत प्रतीक है। श्रावण प्रकृति संरक्षण और सहअस्तित्व का संदेश देता है।
ये खबर भी पढ़े : निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर समाज को स्वस्थ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल — रश्मि चौधरीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि जल संरक्षण जनभागीदारी से ही सफल होगा। पंचतत्वों में जल जीवन का मूल आधार है। यूपी में करीब 20 हजार अमृत सरोवर विकसित किए गए हैं। लखनऊ की सोसाइटी ने 50 हजार लीटर जल पुनर्भरण की पहल की है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि श्रावण को सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का माह बनाएं। हर बूंद का सम्मान, हर पौधे का संरक्षण करें। प्रकृति से जितना लें, उतना उसे लौटाने का भी संकल्प लें।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
