सभी कोचिंग, हॉस्टलों व शैक्षणिक केंद्रों का फायर सेफ्टी ऑडिट करें: संजय सिंह
आप नेता बोले, मानकों की अनदेखी क्यों, 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' कैसे जारी हुआ
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आज लगी भीषण आग और उसमें कई मासूम बच्चों की असामयिक मृत्यु पर आम आदमी पार्टी (आप) के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक शिथिलता का परिणाम बताते हुए मांग की है कि इस लापरवाही के लिए तुरंत जवाबदेही तय की जाए।
प्रेस को जारी अपने संवेदना संदेश में राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को बड़े सपनों और उम्मीदों के साथ पढ़ने भेजा था, आज उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सांसद संजय सिंह ने कहा कि शिक्षा के केंद्रों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। राजधानी के इस व्यावसायिक भवन और कोचिंग सेंटर में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी क्यों की गई और इसे 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' कैसे जारी हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच अभी होनी चाहिए।
बच्चों की सुरक्षा में की गई यह लापरवाही अक्षम्य है। इसके लिए जो भी प्रशासनिक अधिकारी या संचालक जिम्मेदार हैं, उन पर तुरंत कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। आगे कहा कि इस पूरे हादसे की एक उच्च स्तरीय और समयबद्ध जांच तुरंत शुरू की जाए, ताकि घटना के सही कारणों का पता चल सके और जिन भी अधिकारियों या संचालकों के स्तर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाए, उन्हें तुरंत चिह्नित कर जेल भेजा जाए। आगे मांग उठायी कि पूरे उत्तर प्रदेश में इस समय संचालित हो रहे सभी कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों और शैक्षणिक केंद्रों का आज से ही कड़ा फायर सेफ्टी ऑडिटशुरू किया जाए।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
