रात दिन खनन में लगे हैं दर्जनों ट्रैक्टर-ट्राली
-जिम्मेदार जान कर भी अनजान, शहरी क्षेत्रों में ऊंची कीमतों पर बिक रहा खनिज
तंबौर से अखिलेश मिश्र की रिपोर्ट
सीतापुर। तंबौर थाना क्षेत्र में इन दिनों मिट्टी व बालू का अवैध खनन करने वाले गिरोहों के हौसले बुलंद हैं। लगता है इनमें कानून व्यवस्था का डर पूरी तरह समाप्त हो गया है। खनन का काम इलाके में बिना किसी रोकटोक के चल रहा है। सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुँचाकर खनन करने वाले मोटी रकम कमा रहे हैं, जबकि संबंधित विभाग इस पूरे खेल से आँखें मूँदे बैठा है। प्रशासन की नाक के नीचे रात दर्जनों वाहनों के माध्यम से मिट्टी की अवैध ढुलाई की जा रही है। इस चोरी की मिट्टी को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाया जा रहा है। कल रात भी ऐसा ही एक वाकया कस्बे के डेवढेडीह रोड पर सामने आया, जहाँ खनन करने वाले कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ एक खेत को खोदने में व्यस्त थे। जब एक जागरूक किसान की जानकारी पर कुछ पत्रकार वहाँ कवरेज को पहुँचे, तो खनन करने वालों में खलबली मच गई। पकड़े जाने के डर से वह शिकायत करने वाले से उलझ गए और आनन फानन में अपनी गाड़ियां लेकर वहाँ से नौ दो ग्यारह हो गए।
इस घटनाक्रम में सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि इतने बड़े स्तर पर दर्जनों गाड़ियों के साथ चल रहे इस अवैध काम की जानकारी प्रशासनिक अमले को क्या नहीं थी ? क्या जिम्मेदार अधिकारी वाकई इस बात से अनजान थे या फिर वह प्रभावशाली लोगों और रात के सन्नाटे में गूंजती ट्रैक्टरों की आवाजों से अनभिज्ञ थे। बहरहाल जो भी हो, यह अवश्य ही जांच का विषय है।
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लेखक के बारे में
30 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले राम कृष्ण पांंडेय वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में सीतापुर व्यूरो प्रमुख रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘निष्पक्ष प्रतिदिन’ से की और इसके बाद लम्बे समय तक राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ रहते हुए अमर उजाला व हिंदुस्तान इत्यादि प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में कार्य किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, सम्पादन का व्यापक अनुभव है।
