बाराबंकी: पुरोहित समाज के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का गूंजा संकल्प
गांधी भवन में जुटे विद्वान व धर्माचार्य
मनोज शर्मा
- पुरोहित समाज के अधिकारों और सम्मान को लेकर जनजागरण की पहल
बाराबंकी। भारतीय वैदिक धर्माचार्य पुरोहित संस्थान (उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में रविवार को गांधी भवन सभागार में आयोजित "संकल्प समारोह" में पुरोहित समाज के सम्मान, सुरक्षा, संगठन और सशक्तिकरण के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया गया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि पुरोहित समाज केवल पूजा-पाठ कराने वाला वर्ग नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, संस्कृत भाषा और भारतीय परंपराओं का वास्तविक संवाहक एवं धर्म का प्रहरी है। बदलते समय में पुरोहित समाज के समक्ष उत्पन्न आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों पर गंभीर चर्चा करते हुए उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनजागरण का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. श्याम सुंदर दीक्षित ने कहा कि भारतीय वैदिक धर्माचार्य पुरोहित संस्थान समाज को संगठित करने और पुरोहितों के सम्मान की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता से ही पुरोहितों का गौरव और सनातन संस्कृति की गरिमा सुरक्षित रह सकती है।
ये खबर भी पढ़े : वृक्षारोपण महायज्ञ-2026: 50 ट्री गार्ड के साथ जिला सहकारी बैंक ने दिया हरियाली का संदेशसमारोह की अध्यक्षता कर रहे डॉ. बृज किशोर पांडेय ने कहा कि पुरोहित समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। प्रत्येक व्यक्ति को पुरोहितों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए तथा धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में पुरोहितों को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए।महंत बी.पी. दास ने कहा कि यदि समाज की कोई वास्तविक रीढ़ है तो वह पुरोहित समाज है। उन्होंने कहा कि पुरोहित केवल पूजा-पाठ कराने वाले नहीं, बल्कि जन्म से लेकर मृत्यु तक प्रत्येक संस्कार को संपन्न कराने वाले धर्म और संस्कृति के सच्चे रक्षक हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि दक्षिणा को कभी फीस न समझें, बल्कि पुरोहित के सम्मान का प्रतीक मानें तथा अपने बच्चों को संस्कृत और कर्मकांड की शिक्षा के लिए प्रेरित करें, ताकि सनातन संस्कृति की परंपरा सुरक्षित रह सके।
समारोह में साहित्यकार अजय सिंह गुरुजी, बाल आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुचिता चतुर्वेदी, समाजसेवी अतुल कुमार सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी पुरोहित समाज के संगठन, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा पर अपने विचार व्यक्त किए।
विशिष्ट अतिथियों में वीरेंद्र व्यास, राजेश मिश्रा, पी.एन. पुरोहित, अजय सिंह गुरुजी, डॉ. नन्हे सिंह एवं डॉ. सुधीर वर्मा सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संस्थान के अध्यक्ष श्रीधर पाठक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधेश्याम मिश्रा, महामंत्री वैशम्पायन, उपाध्यक्ष कृष्णानंद मिश्रा एवं सोनू तिवारी, कोषाध्यक्ष राजेश जोशी तथा सदस्य मुकेश जोशी, कपिलमुनि मिश्र, प्रदीप मिश्रा, पिंटू महाराज सहित बड़ी संख्या में पुरोहितों ने संस्थान और समाज की प्रगति के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में डॉ. सुनील त्रिवेदी, डॉ. अरुण सिंह, हनुमान मिश्र, रामशंकर मिश्र, पोषण शुक्ल, उदय चंद्र गुप्ता, अमरनाथ तिवारी, नागेंद्र ओझा, गोविंद मिश्र, वैद्यप्रकाश, सर्वेंद्र मिश्र, शैलेन्द्र तिवारी, रमेश्वर जोशी, मुकेश त्रिवेदी सहित बड़ी संख्या में विद्वान, पुरोहित एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
समारोह के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पुरोहित समाज के सम्मान, संगठन, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करने तथा सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति को और अधिक सशक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। अंत में संस्थान के अध्यक्ष श्रीधर पाठक ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
