केजीएमयू में टीचर्स एसोसिएशन के महामंत्री पद से दिया इस्तीफा
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय,केजीएमयू में एक और बड़ा प्रकरण सामने आया है। संस्थान में कार्यरत टीचर्स के एक बड़े वर्ग के स्वार्थपरक रवैये और टीचर्स की दिक्कतों का समाधान लम्बे समय से न होने की स्थिति के बावजूद साथियों से अपेक्षित सहयोग न मिलने के चलते केजीएमयू की टीचर्स एसोसिएशन के महामंत्री प्रो संतोष कुमार ने महामंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, उन्होंने अपना इस्तीफा एसोसिएशन के अध्यक्ष को भेजा है। उन्होंने कहा है कि टीचर्स वर्ग की समस्याओं को हल करने की दिशा में अगर मैं कार्य नहीं कर पा रहा हूं तो मुझे पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस्तीफे में प्रो संतोष ने अध्यक्ष को सम्बोधित करते हुए लिखा है कि मैं एक दशक से ज़्यादा समय से टीचर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रहा हूं। टीचर्स एसोसिएशन के संघर्ष और कोशिशों की वजह से सभी टीचर्स को कई फायदे मिले हैं, सबसे खास बात यह है कि पीजीआई के बराबर सैलरी और अलाउंस में बढ़ोतरी हुई है। प्रो संतोष ने एक गंभीर प्रश्न उठाते हुए लिखा है कि कई टीचर्स एसोसिएशन से तो फायदे की उम्मीद करते हैं,लेकिन बदले में कोई योगदान देने को तैयार नहीं हैं, यहाँ तक कि दिवंगत हुए फैकल्टी मेंबर के परिवार की सेवा के लिए टोकन के तौर पर आर्थिक मदद के रूप में एक दिन की सैलरी देने को तैयार नहीं होते हैं, जबकि मदद देने का निर्णय एसोसिएशन की आमसभा की बैठक में लिया गया था। अपनी इस बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने यहां के तीन फैकल्टी मेंबर की मृत्यु के बाद उनके परिवार को दी गयी मदद का जिक्र करते हुए कहा है कि सबसे पहले फैकल्टी की हुई मौत के बाद परिवार को सहायता देने के लिए कुल 486 टीचर्स में से 400, दूसरे टीचर्स के मामले में 326 और तीसरे टीचर्स के दिवंगत होने के बाद परिवार की मदद के लिए सिर्फ 211 टीचर्स ही सामने आये। प्रो संतोष ने इस्तीफे के लिए लिखे पत्र में एसोसिएशन की अपेक्षा व्यक्तिगत हितों को महत्व देने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े किये हैं। उन्होंने लिखा है कि टीचरों से जुड़े कई मुद्दे जैसे अर्न्ड लीव, ग्रेच्युटी, कॉन्फ्रेंस अलाउंस, टीचरों के रिप्रेज़ेंटेशन के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव रिफ़ॉर्म, ट्रांसपेरेंसी और मौके की बराबरी वगैरह मुद्दों को कुलपति के समक्ष उठाया गया था। इसके साथ ही इन मांगों को पूरा कराने के लिए कुलपति के नजदीकी फैकल्टीज से भी अनुरोध किया था लेकिन नतीजा शून्य रहा।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
