सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए स्पेशल रिविजनल कोर्ट से राहुल गांधी को राहत
वॉइस सैंपल जांच की मांग वाली याचिका खारिज
सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट से कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एक बड़ी राहत मिली है। भाजपा नेता एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में चल रहे मानहानि केस में राहुल गांधी के आवाज के नमूने की जांच कराने की मांग वाली निगरानी याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि एमपी-एमएलए कोर्ट संख्या 5 में इस मामले से संबंधित एक निगरानी याचिका विचाराधीन थी। कोर्ट ने परिवादी विजय मिश्रा की ओर से दाखिल की गई इस याचिका को निरस्त कर दिया है। यह याचिका इसलिए दायर की गई थी कि पत्रावली में संलग्न सीडी और राहुल गांधी की आवाज के नमूने का मिलान विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक लैब) से कराया जाए। अदालत ने पाया कि यह प्रार्थना पत्र बेहद विलम्ब से दिया गया था, जो पूरी तरह से आधारहीन और बलहीन है। अदालत ने स्पष्ट किया कि निचली अदालत ने अपने विवेक का सही इस्तेमाल किया है और इसमें किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। अब इस मामले की मूल पत्रावली पर अगली सुनवाई 18 जुलाई 2026 को होगी, जिसमें नियमतः बहस सुनी जाएगी।
परिवादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे अदालत के इस फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इससे संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पहले इस मांग को खारिज किया था, जिसके खिलाफ उन्होंने रिवीजन (निगरानी याचिका) दाखिल की थी, जिसे आज जिला जज की अदालत ने भी निरस्त कर दिया है। वे इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और इस फैसले को वहां चुनौती देंगे।
उल्लेखनीय है कि कर्नाटक चुनाव के दौरान साल 2018 में राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर अभद्र टिप्पणी किया था। जिससे आहत होकर सुल्तानपुर के एमपी/एमएलए कोर्ट में भाजपा नेता विजय मिश्रा ने परिवाद दर्ज कराया था। कोर्ट से वारंट के बाद इस मामले में पहली बार 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में हाजिर हुए थे जहां कोर्ट ने उन्हें 25-25 हजार के दो मुचलके पर जमानत दे दिया था। इसके बाद 26 जुलाई 2024 को राहुल ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया था। अंतिम बार 20 फरवरी 2026 को राहुल गांधी कोर्ट में अपना पक्ष रखने पहुंचे थे।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
