गोरखपुर में आरक्षण सुधार को लेकर धरना
सवर्ण आर्मी ने UGC नियम और SC-ST एक्ट के दुरुपयोग पर जताई नाराजगी
गोरखपुर। आरक्षण में सुधार, यूजीसी के कथित काले नियमों को वापस लेने और एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग को लेकर सवर्ण आर्मी भारत की ओर से गोलघर स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन एवं सत्याग्रह किया गया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों और समर्थकों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
सत्याग्रह को संबोधित करते हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि शिक्षा और रोजगार किसी भी युवा के भविष्य की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रभावी संरक्षण मिले और योग्य युवाओं को समान अवसर प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में योग्यता और मेरिट का सम्मान होना जरूरी है।
चौबे ने कहा कि सामान्य वर्ग के लोगों में यह भावना बढ़ रही है कि चुनाव के समय उन्हें हिंदू एकता के नाम पर समर्थन के लिए प्रेरित किया जाता है, लेकिन प्रतिनिधित्व और अधिकारों की बात आने पर उनके हितों की अनदेखी होती है। उन्होंने कहा कि अनारक्षित सीटों से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी सामान्य वर्ग से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहिए।रिजर्वेशन रिफॉर्म आंदोलन के संयोजक ठाकुर शिवम सिंह ने कहा कि आरक्षण सुधार की मांग किसी जाति या वर्ग के विरोध में नहीं है। उनके मुताबिक आंदोलन का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था की मांग करना है, जिसमें जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि गरीब दलित और ओबीसी परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी गंभीरता से काम होना चाहिए। उनका दावा था कि आरक्षण सुधार का सबसे अधिक लाभ उन गरीब परिवारों को मिल सकता है, जो मौजूदा व्यवस्था में अपेक्षित लाभ हासिल नहीं कर पा रहे हैं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने जातिगत आरक्षण की जगह आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग उठाई। जंतर-मंतर पर आंदोलन से जुड़े सत्याग्रही विकास दुबे ने कहा कि सवर्ण समाज के साथ होने वाले कथित भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि सरकार पर लोकतांत्रिक तरीके से दबाव बनाया जाएगा।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार, प्रतिनिधित्व और आरक्षण व्यवस्था में सुधार को लेकर अपनी मांगें दोहराईं। साथ ही सरकार से मेरिट के सम्मान तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण नीति में बदलाव की मांग की गई।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
