उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को दक्ष बनाने की तैयारी
लखनऊ। युवाओं को आधुनिक तकनीक, उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। प्रत्येक युवा को हुनरमंद बनाकर रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जा रहे है।
कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मंगलवार को विधानसभा में विभागीय समीक्षा बैठक में कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कौशल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। युवाओं के लिए अधिक से अधिक शॉर्ट टर्म एवं रोजगारपरक कौशल पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। इसमें सॉफ्ट स्किल, डिजिटल लर्निंग, संवाद कौशल, इंटरव्यू तैयारी, रिज्यूम लेखन तथा व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों को भी शामिल किया जाये। विभाग का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार से जोड़ना भी है। इसलिए स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं।
ये खबर भी पढ़े : दो माह से नलकूप खराब,100 बीघे में धान की रोपाई पर संकट, समाधान दिवस में पहुंची शिकायत उन्होंने निर्देश दिए कि आईटीआई एवं कौशल विकास संस्थानों में आयोजित होने वाले रोजगार मेलों के प्रचार- प्रसार पर जोर दिया। अटल आवासीय विद्यालयों में संचालित स्किलिंग कार्यक्रमों की समीक्षा में बताया गया कि इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को आधुनिक कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही अगले माह से आश्रम पद्धति विद्यालयों में भी स्किलिंग कोर्स प्रारंभ किए जाएंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं की सफलता के वीडियो, अनुभव एवं उपलब्धियों को सोशल मीडिया में साझा करे ताकि युवाओं का आकर्षण बढ़े।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
