मरीज दवा और एक्स-रे के लिए भटकता रहा, सीएचसी के कूड़े में मिलीं सरकारी दवाएं
वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप
जौनपुर के सीएचसी रेहटी का मामला, अस्पताल की सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। जलालपुर क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रेहटी में एक घायल मरीज दर्द की दवा और एक्स-रे के लिए कई दिनों तक अस्पताल के चक्कर लगाता रहा। वहीं, अस्पताल परिसर में कूड़े के ढेर के बीच सरकारी दवाइयां पड़ी मिलीं। दवाइयों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। अस्पताल परिसर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर से सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
भड़ेहरी गांव निवासी बदरुद्दीन चोट लगने के बाद इलाज के लिए सीएचसी रेहटी पहुंचे थे। चिकित्सक ने जांच के बाद दवा लेने और एक्स-रे कराने की सलाह दी। बदरुद्दीन के अनुसार, जब वह दवा लेने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि दर्द की दवा और मलहम उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद जब वह एक्स-रे कराने पहुंचे तो बिजली न होने की बात कही गई। महिला चिकित्सक ने उन्हें अगले दिन आने को कहा।
मरीज का आरोप है कि वह कई दिनों तक अस्पताल के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनका एक्स-रे नहीं हो सका और दर्द की दवा भी नहीं मिली। इसी बीच अस्पताल परिसर में कूड़े के बीच सरकारी दवाइयां फेंकी होने का मामला सामने आया। कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो बाद में वायरल हो गया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि जब मरीज आवश्यक दवाओं के लिए परेशान हैं, तो सरकारी दवाइयां कूड़े में कैसे पहुंचीं।
इसी बीच मंगलवार दोपहर सीएचसी में बेला गांव निवासी संदीप यादव भी इलाज के लिए पहुंचे थे। बाइक से गिरकर घायल हुए संदीप के अनुसार, वह करीब डेढ़ बजे अस्पताल पहुंचे, लेकिन पर्चा बनाने वाले कर्मचारी ने बताया कि डेढ़ बजे के बाद पर्चा नहीं बनाया जाता। पर्चा न बनने के कारण उन्हें बिना इलाज कराए लौटना पड़ा।
इस संबंध में मंगलवार को जानकारी लेने पर सीएचसी रेहटी के अधीक्षक डॉ. अजय सिंह ने कहा कि कूड़े में सरकारी दवाइयां फेंके जाने की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी। मामला संज्ञान में आने के बाद जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि महिला चिकित्सक के अवकाश पर होने के कारण मरीज का एक्स-रे नहीं हो सका। मरीज को अगले दिन एक्स-रे कराने के लिए कहा गया था। मरीज को दर्द का मलहम उपलब्ध कराया गया था।
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
