राजा चार्ल्स तृतीय व महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से नैना ने की भेंट
बहराइच। सोमवार 11 मई को लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित किंग्स ट्रस्ट समारोह में अमल क्लूनी महिला सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित होने वाली नैना ने कलेक्ट्रेट कक्ष में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी से शिष्टाचार भेंट की। डीएम ने नैना को अमल क्लूनी महिला सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित होने पर बधाई देते हुए कहा कि यह जनपद के लिए गौरव की बात है। नैना को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने से आकांक्षात्मक जनपद बहराइच में महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा। डीएम ने कहा कि उन्हें विश्वास है जिले की महिलाएं नैना व आरती से प्रेरणा लेकर अपने लिए स्वावलम्बन की राह चुनकर नई इबारत लिखने का संकल्प लेंगी।
उल्लेखनीय है कि लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में सितारों से सजे किंग्स ट्रस्ट समारोह के दौरान, किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल द्वारा विकास खण्ड रिसिया की ग्राम पटेल नगर निवासिनी 23 वर्षीय युवती नैना को अमल क्लूनी महिला सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार किंग्स ट्रस्ट की वैश्विक राजदूत शार्लाेट टिलबरी एमबीई द्वारा प्रायोजित किया गया था। वेल्स के पूर्व राजकुमार राजा चार्ल्स तृतीय द्वारा स्थापित किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल, रोजगार, शिक्षा और उद्यम कार्यक्रमों के माध्यम से दुनिया भर के युवाओं का समर्थन करता है। दस वर्ष पूर्व स्थापना के बाद से, किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल ने वैश्विक स्तर पर 130,000 से अधिक युवाओं का समर्थन किया है। इस समारोह में अमल और जॉर्ज क्लूनी, शार्लाेट टिलबरी, जूल्स हॉलैंड, सर रॉड स्टीवर्ट, रॉनी वुड और रीटा ओरा समेत कई अन्य अतिथि उपस्थित थे।
समारोह के दौरान नैना को राजा चार्ल्स तृतीय व महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से भेंट करने का अवसर भी मिला। सिर्फ 23 वर्ष की उम्र में नैना लड़कियों और महिलाओं के अधिकारों की एक सशक्त समर्थक बन चुकी हैं। अपने जीवन के अनुभवों से प्रेरणा लेते हुए वे हर वर्ष सैकड़ों युवा लड़कियों को प्रेरित और सशक्त बना रही हैं। नैना ने अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए अनेक कठिनाइयों का सामना किया। आगा खान फाउंडेशन द्वारा किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल के सहयोग से संचालित प्रोजेक्ट लहर ने सहारा देकर नैना को दोबारा स्कूल में नामांकन कराने में सहायता की। नैना ने अपनी शिक्षा यात्रा के महत्वपूर्ण चरणों में छात्रवृत्तियाँ प्राप्त कीं। स्कूल के अंतिम वर्षों में उन्हें राज्य मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत सहायता मिली, जिसके बाद स्नातक शिक्षा के लिए भारत सरकार की प्रधानमंत्री द्वारा आरंभ की गई योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्राप्त हुई। छात्रवृत्ति के सहयोग के साथ-साथ नैना ने खेतों में मजदूरी की और अपने गाँव के छोटे बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाया। आज नैना अन्य युवा लड़कियों को जीवन कौशल प्रशिक्षक और कोच के रूप में सहयोग प्रदान करती हैं। किशोरियों और उनके परिवारों के साथ अपने कार्य के माध्यम से नैना सोच में बदलाव लाने, बाल विवाह रोकने और लड़कियों को शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करने का कार्य कर रही हैं।
पुरस्कार जीतने पर नैना ने मंगलवार काे कहा कि जीवन के संघर्षों से ही उन्हें ऊर्जा मिली। अपने जीवन और समाज में समारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही सभी युवतियों को नैना ने यह पुरस्कार समर्पित करते हुए कहा कि कभी निराश न हों और जीवन में मिले अवसरों का सदुपयोग करते हुए अपनी सफलता की कहानी खुद लिखें। उन्होंने कहा कि आगा खान फाउंडेशन के प्रोजेक्ट लहर और द किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल के सहयोग से उन्हें सफलता मिली है।
आगा खान फाउंडेशन की सीईओ टिन्नी साहनी ने कहा कि, नैना दुनिया भर की युवा महिलाओं के लिए एक सच्ची प्रेरणा हैं। नैना ने साबित कर दिया है कि लगन और शिक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता सपनों को साकार कर सकती है। हर लड़की को पढ़ाई का अवसर सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा दिए गए सहयोग के लिए हम आभारी हैं। उन्होंने युवा लड़कियों के सपनों को साकार करने में सहयोग प्रदान करने के लिए किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल का भी आभार ज्ञापित किया।
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