लू और भीषण गर्मी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क: ब्रजेश पाठक
— अस्पतालों में अतिरिक्त बेड, दवाइयां और पेयजल व्यवस्था के निर्देश
— प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों और केंद्रीय अस्पतालों से भी रखें समन्वय
लखनऊ। प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और लू चलने की मौसम विभाग की चेतावनी के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने,धूप में बिना जरूरत न निकलने की अपील की है।
इसके मद्देनजर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रदेश के सभी मंडलीय, जिला, संयुक्त, शहरी एवं ग्रामीण चिकित्सालयों,आयुष्मान आरोग्य मंदिर, स्वास्थ्य उपकेंद्र,मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों में गर्मी से पीड़ितों को समुचित इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि अस्पतालों में संभावित मरीजों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बेडों की व्यवस्था की जाए। जीवनरक्षक दवाइयों सहित आवश्यक औषधियों का पर्याप्त भंडारण रखने के लिए कहा गया है। आकस्मिक स्थिति में मरीजों को समय पर सटीक इलाज मिल सके। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को भी पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी पर रहने के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि लू, तेज धूप और गर्मी के कारण अचानक बीमार होने वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए सभी चिकित्सालय परिसरों में मरीजों और तीमारदारों के लिए पर्याप्त पेयजल, छाया, पंखे, कूलर तथा गर्मी से बचाव की अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन जिलों में निजी मेडिकल कॉलेज या केंद्र सरकार के अस्पताल संचालित हैं,वहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को संबंधित संस्थानों से तत्काल समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग के अधिकारी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से भी जरूरत पड़ने पर सहयोग लें। यदि किसी जिले में लू और गर्मी से प्रभावित मरीजों की संख्या अचानक बढ़ती है तो उसकी सूचना तत्काल राज्य मुख्यालय और शासन को उपलब्ध कराई जाए। जिससे समय रहते अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
लू से बचाव के उपाय
-दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचें।
-शरीर में पानी की कमी न होने दें
-लगातार पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस का सेवन करें।
-हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें तथा सिर को गमछे या टोपी से ढककर रखें।
-खाली पेट घर से बाहर न निकलें और ज्यादा तला-भुना व मसालेदार भोजन खाने से बचें।
-चक्कर, उल्टी, तेज बुखार या अत्यधिक कमजोरी महसूस होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लें।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
