कब तक अधिकारियों के मनमाने ढंग से चलेगी नगर निगम --मुनेन्द्र यादव (पार्षद)
फिरोजाबाद, नगर निगम के हाल से शहर की जनता तो परेशान है ही, साथ ही साथ पार्षदों की हालत भी बद से बदतर कर दी गई है
नगर निगम के पार्षद मुनेन्द्र यादव ने आरोप लगाते हुए कहा है, कि नगर निगम के अधिकारियों द्वारा पार्षदों का इतना उत्पीड़न किया जा रहा है। कि उनकी हालत बहुत ही दयनीय कर दी गई है। बिना हाये तौबा किये निगम में पार्षदों की सुनवाई नहीं होती है। आखिर कब तक इन भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा पार्षदों को उपेक्षा का शिकार बनाया जाएगा। नगर निगम के निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने तो सभी हदों को पार कर दिया है। जब तक जेब में कमीशन नहीं पहुंच जाएगा तब तक भुगतान की फाइल पर साइन नहीं होगे और पार्षदों के साथ भी इसके द्वारा अमर्यादित व्यवहार किया जाता है।
उन्होंने मांग करते हुए कहा है। कि अधिकारियों द्वारा नगर निगम को उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम एक्ट के अनुसार न चलाकर अपनी मनमानी एवं तानाशाहीपूर्ण रवैया से चलाया जा रहा है। और पार्षदों को गांधी जी के तीन बंदर बना दिया गया है। धारा 88 के तहत सदन की बैठक 2 माह में न कराना धारा 89 के तहत कार्यकारिणी की बैठक प्रतिमाह न कराना। कार्यकारिणी सदस्यों को विभागों की जिम्मेदारी न देना। पार्षदों को रक्षाबंधन से पहले टेबलेट या लैपटॉप दिये जाने के वादे को न पूराकरना।और पार्षदों द्वारा दी गयी लिखित जनसमस्याओं को कूड़ेदान में फेक देना। उन पर कोई सुनवाई न करना।
सदन की बैठक में पास प्रस्तावों को अमल में न लाना। यहां तक कि सफाई का सामान झाड़ू, डंडे, फावड़ा, वैट, हथठेला आदि समय से और सही क्वालिटी का उपलब्ध न कराना ,वार्डो की जनसंख्या के अनुसार वार्डो के सफाई कार्य हेतु कर्मचारी न देना लिखित शिकायत करने के बाद भी वार्डो की सड़को पर हो रहे सैकड़ों गड्ढों को न भरना। फॉगिंग और दवा छिड़काव के नाम पर खानापूर्ति करना। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र की अविलंब की समस्या में कोई सुधार न कराना जब कि विधायक के द्वारा भी इस मुद्दे को उठाया गया। सफाई कर्मचारी भाइयों को उनकी तनखा अन्य नगर निगमों के समान न देकर उनका शोषण करना।
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लेखक के बारे में
रविंद्र वर्मा वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के फिरोज़ाबाद ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ के साथ वह समाचार कवरेज और रिपोर्टिंग का कार्य कर रहे हैं।
