आबकारी विभाग: प्रभावी नीति का दिखा असर, आबकारी में रोका गया राजस्व रिसाव
मई में 5,387.63 करोड़ रुपये का राजस्व, 2.29 लाख लीटर अवैध शराब बरामद
बोले आबकारी मंत्री सीएम के सुशासन का नतीजा, बोले आयुक्त गति बनी रही आगे टूटेगा रिकॉर्ड
लखनऊ। सीएम योगी की अगुवाई में प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने की दिशा में आबकारी विभाग प्रदर्शन लगातार बेहतर दिख रहा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में ही विभाग ने राजस्व संग्रह के क्षेत्र में सफलता हासिल करते हुए अप्रैल - मई माह में 10,635.69 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, इसमें अप्रैल का करीब 5248 करोड़ रुपये का राजस्व शामिल है।
मई 2026 माह में 5,387.63 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होना इस बात का संकेत है कि आबकारी विभाग लगातार अपने निर्धारित लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है। इस अवधि में यूपी में 9,898 केस दर्ज किए गए हैं जबकि 2.29 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई है। इसके अलावा अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त 1,564 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 298 को जेल भेजा गया है।
साथ ही तस्करी में इस्तेमाल 12 वाहनों को भी जब्त किया गया है। विभागीय जानकारों का कहना कि योगी सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्थाओं ने न केवल राजस्व रिसाव को रोका है, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली को भी अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाया है।
आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुशासन आधारित कार्यशैली और राजस्व बढ़ाने के लिए अपनाई गई रणनीतियों का असर विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि यूपी में यही गति बनी रही तो चालू वित्तीय वर्ष में आबकारी विभाग पिछले वर्षों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकता है। बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की समान अवधि में विभाग को 9,770.68 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
