राजस्व वसूली में ढिलाई पर डीएम सख्त, वाणिज्यकर उपायुक्त का वेतन रोकने के निर्देश
मंडी आवक और खनन की खराब रैंकिंग पर जताई नाराजगी, सभी तहसीलदारों को आरसी वसूली में तेजी लाने के निर्देश
कौशाम्बी। जिले में जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने गुरुवार को उदयन सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान कई विभागों की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई के निर्देश भी दिए।बैठक में वाणिज्यकर विभाग की समीक्षा के दौरान लक्ष्य के सापेक्ष अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त वाणिज्यकर का वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को डग्गामार एवं ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सघन अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।जिलाधिकारी ने स्टांप एवं पंजीयन, खनन, विद्युत, वन, मंडी, आबकारी तथा नगर निकायों की राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग की समीक्षा के दौरान मंडी आवक इंडिकेटर में खराब प्रदर्शन पर जिलाधिकारी ने सभी मंडी सचिवों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसी प्रकार खनन विभाग की रैंकिंग संतोषजनक न मिलने पर जिला खनन अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश भी दिए।तहसीलवार आरसी वसूली की समीक्षा में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने सभी तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को कड़ी चेतावनी देते हुए आगामी समीक्षा बैठक तक उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही अंश निर्धारण एवं वरासत के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा करने तथा न्यायिक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी संबंधित उप जिलाधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में पूर्व से ही आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शालिनी प्रभाकर, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ओम प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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पिछले छह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय रोहित तिवारी कौशांबी में आधारित हैं और क्षेत्रीय मुद्दों की कवरेज में लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
