आम महोत्सव में 3000 प्रजातियों का प्रदर्शन
मलिहाबाद के मोहम्मद इकबाल का चौंसा रहा खास
लखनऊ। लखनऊ के इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे तीन दिवसीय आम महोत्सव में 3 हजार प्रजातियों का शानदार प्रदर्शन रहा। रविवार को आम महोत्सव के समापन पर उद्यान, कृषि विपणन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने 180 से अधिक विजेताओं को सम्मानित किया जिसमें मलिहाबाद के मलिहाबाद के मोहम्मद इकबाल चौंसा आम के लिए बने बेस्ट प्रदर्शक रहे।
इस अवसर पर आम खाने प्रतियोगिता में 8 से 12 वर्ष के बच्चों ने भाग लिया। इसमें रुचिर शुक्ला को प्रथम, अरिक्ता सिंह को द्वितीय तथा दीपांशु यादव को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। साथ ही किसानों, उद्यमियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, छात्रों के समक्ष खाद्य प्रसंस्करण के महत्व एवं रोजगार सृजन पर तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। इसमें पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत लघु एवं सूक्ष्म उद्योग की स्थापना पर 35 प्रतिशत अधिकतम 1 लाख रुपए एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की स्थापना पर 35 प्रतिशत अधिकतम 5 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश का आम 30 से अधिक देशों में निर्यात किया जा रहा है। जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विकसित होने से निर्यात लागत में कमी आएगी और कार्गो विमानों से सीधे विश्व बाजारों तक आम पहुंचेगा। महोत्सव में आम उत्पादक किसान, समितियां, स्वयं सहायता समूह, पैक हाउस, फूड प्रोसेसर, निर्यातक व्यापारी, नर्सरी मालिक, वित्तीय सहायता प्रदाता, अवसंरचना तथा रसद प्रदाता, मशीनरी एवं उपकरण आपूर्तिकर्ता, शोधकर्ता एवं वैज्ञानिक ने भाग लिया। इस अवसर पर निदेशक उद्यान भानु प्रकाश राम, विधायक प्रभात वर्मा एवं पूजा पाल, एमएलसी पवन सिंह चौहान, अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा, विशेष सचिव राज कमल यादव, वित्त नियंत्रक संजय कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक डॉ. सर्वेश कुमार, संयुक्त निदेशक डॉ. राजीव कुमार वर्मा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
यह मेरा आखिरी आम महोत्सव
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के इस अवसर पर कहा कि मेरे लिए यह अंतिम आम महोत्सव है। इसे लेकर सियासी चर्चा तेज हो गयी है। साथ ही राजनीतिक गलियारों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। क्या वह आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे, सरकार में अपनी भूमिका को लेकर कोई संकेत दे रहे हैं या फिर यह केवल आम महोत्सव से जुड़ा एक भावनात्मक बयान रहा।उनके इस कथन को लेकर राजनीतिक चचार्ओं का दौर तेज हो गया है। फिलहाल, उनके बयान के वास्तविक आशय को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
