गोरखपुर : जिला अस्पताल से अगवा 10 वर्षीय बच्ची की हत्या, आरोपित सिपाही अभिषेक यादव गिरफ्तार
-सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, चिउटहा पुल के नीचे मिला मासूम का शव, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद दरिंदगी की होगी पुष्टि
गोरखपुर। गोरखपुर में मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जिला अस्पताल परिसर से 10 वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस ने गोरखपुर में तैनात सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार किया है। गुरुवार सुबह बच्ची का शव चिउटहा पुल के नीचे बरामद होने के बाद पूरे शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस के अनुसार मंगलवार रात बच्ची रहस्यमय परिस्थितियों में जिला अस्पताल परिसर से लापता हो गई थी। परिजनों की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें पुलिस की वर्दी पहने एक युवक बच्ची को अपनी बाइक पर बैठाकर ले जाता हुआ दिखाई दिया।
फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर युवक की पहचान गोरखपुर में तैनात सिपाही अभिषेक यादव के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। हालांकि आरोपित स्वयं को निर्दोष बता रहा है, लेकिन पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं और जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
इसी बीच गुरुवार सुबह चिउटहा पुल के नीचे बच्ची का शव मिलने से पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। शव मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ दरिंदगी की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही होगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि बच्ची का दुर्भावनापूर्ण तरीके से अपहरण किया गया था। आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
एसएसपी ने कहा कि पुलिस इस जघन्य अपराध के प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की धाराएं और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठ रही है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
