बिजनौर से लापता दोनाें छात्राएं 24 दिन बाद बरामद
फैक्ट्री में कर रहीं थीं काम
बिजनौर | उत्तर प्रदेश में जनपद बिजनौर के शहर कोतवाली पुलिस के लिए सिरदर्द बनीं 24 दिनों से लापता दो छात्राओं को आखिरकार पुलिस ने सही सलामत लुधियाना से बरामद कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने पुलिस लाइन में मंगलवार शाम प्रेस वार्ता में बताया कि दोनों छात्रा कनक व फिरदौस को लुधियाना से बरामद किया हैं। ये दोनों एक किराये का कमरा लेकर कपड़े की फैक्ट्री में काम कर रही थी।
ये दोनों लड़कियां 15 नवंबर को बिजनौर शहर कोतवाली से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर बड़े स्तर पर पुलिस टीम तलाशी अभियान में लगाई गई थी। दोनों छात्रा बिजनौर से सहारनपुर गई। वहां से बांद्रा की ट्रेन पड़कर सूरत पहुंची फिर अजमेर की ट्रेन से रतलाम उतरी। वहां से जम्मू की ट्रेन में सवार होकर लुधियाना पहुंची थी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया लड़कियों के पास मोबाइल फोन नहीं होने के कारण तलाशी अभियान में काफी कठिनाई आई क्योंकि सहारनपुर से बांद्रा के बीच 66 रेलवे स्टेशन पड़ते हैं, जहां के सीसीटीवी फुटेज देखने के लिए ढाई दर्जन टीमें लगाई गई थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही पुलिस टीम लुधियाना तक पहुंची जहां से इन्हें बरामद किया गया है |
उल्लेखनीय है कि छात्रा कनक कक्षा आठवीं तथा फिरदौस कक्षा 12 की छात्रा हैं। दोनों अलग-अलग संप्रदाय की होने के कारण लोगों में तरह-तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही थी। इसी को लेकर किसान यूनियन, शिवसेना तथा ग्रामीणों ने भारी संख्या में थाने व एसपी कार्यालय और कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किए थे। आन्दोलन की चेतावनी देने के बाद शिवसेना जिला प्रमुख वीर सिंह को तीन बार उनके घर में नजर बंद किया गया था |
दोनों छात्रों की बरामदगी को लेकर पुलिस पर काफी दबाव था। इस कारण पुलिस अधीक्षक सहित सभी अधिकारियों में यह मामला सर्वोच्च प्राथमिकता में बना रहा। दोनों छात्राओं की बरामदगी के बाद पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस ली है।
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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
