यूपी सरकार का बड़ा फैसला: आउटसोर्स और पार्ट-टाइम कर्मचारियों के लिए नए नियम लागू
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में काम करने वाले लाखों आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों के लिए बड़े सुधारों की घोषणा की है। यह जानकारी मजदूर दिवस के अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने दी। सरकार का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा, पारदर्शिता और बेहतर कार्य स्थितियाँ देना है, ताकि किसी भी तरह का शोषण रोका जा सके।
आउटसोर्स सेवा निगम’ का गठन
सरकार ने ‘आउटसोर्स सेवा निगम’ के माध्यम से आउटसोर्सिंग व्यवस्था को नया ढांचा दिया है। इसका उद्देश्य है:
बिचौलियों की भूमिका खत्म करना
नियुक्तियों और भुगतान में पारदर्शिता लाना
कर्मचारियों को सीधे लाभ देना
यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी बताई गई है।
काम के घंटे और साप्ताहिक अवकाश
नए नियमों के अनुसार:किसी भी कर्मचारी से लगातार 7 दिन काम नहीं लिया जाएगा,6 दिन काम के बाद 1 दिन का सवेतन अवकाश अनिवार्य होगा,प्रतिदिन कार्य समय 8–9 घंटे तय किया गया है,अधिक काम पर ओवरटाइम भुगतान अनिवार्य होगा।
छुट्टियों की नई व्यवस्था
कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए छुट्टियों में बड़ा बदलाव किया गया है:
10 दिन आकस्मिक अवकाश (Casual Leave)
15 दिन अर्जित अवकाश (Earned Leave, कैरी फॉरवर्ड सुविधा के साथ)
6 महीने की सेवा के बाद 15 दिन बीमारी अवकाश
महिला कर्मचारियों के लिए प्रसूति अवकाश के नियमों का सख्ती से पालन
वेतन और भुगतान में पारदर्शिता
सरकार ने वेतन प्रणाली को और मजबूत किया है:
कुल वेतन का कम से कम 50% मूल वेतन होगा
इससे PF और ग्रेच्युटी लाभ बढ़ेंगे
वेतन हर महीने 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में जमा करना अनिवार्य
न्यूनतम मजदूरी और नई दरें
नई व्यवस्था के तहत न्यूनतम वेतन संरचना
अकुशल श्रमिक: ₹11,000 से अधिक
कुशल श्रमिक: ₹13,500 से अधिक
साथ ही “समान काम-समान वेतन” के सिद्धांत को लागू करने पर जोर दिया गया है।
सरकार का उद्देश्य
असीम अरुण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य “अंत्योदय” है, यानी अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें सम्मान, सुरक्षा और उचित वेतन देना सरकार की प्राथमिकता है। यह कदम यूपी में आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। इससे नौकरी की सुरक्षा, समय पर वेतन और काम की बेहतर स्थिति सुनिश्चित होने की उम्मीद है, जबकि शोषण और अनियमितताओं पर रोक लगाई जाएगी।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
