विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, बाल अधिकारों की रक्षा का संकल्प
सरोजनीनगर । सरोजनीनगर के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित जन शिक्षण संस्थान, साक्षरता निकेतन, लखनऊ तथा शिव संस्कृति कला फाउंडेशन कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र में गुरुवार को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बाल श्रम उन्मूलन, बाल अधिकारों की सुरक्षा तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। जन शिक्षण संस्थान के निदेशक सौरभ कुमार खरे ने प्रतिभागियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं अन्य टोल-फ्री नंबरों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि यदि कोई नाबालिग बालक या बालिका बाल श्रम करते हुए अथवा संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस अथवा संबंधित हेल्पलाइन पर दें। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता चाहें तो अपनी पहचान गोपनीय भी रख सकते हैं, जिससे बच्चों के शोषण पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। शिव संस्कृति कला फाउंडेशन प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को कौशल प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
फाउंडेशन की अध्यक्ष सुश्री मिठू राय ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के महत्व, इसकी पृष्ठभूमि तथा बाल श्रम उन्मूलन में समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में संस्थान के कार्मिकों सहित लगभग एक सौ प्रशिक्षणार्थियों ने सहभागिता कर बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर संस्थान की अनुदेशिकाओं अनीता आनंद, प्रियंका त्रिपाठी एवं अंचला देवी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बाल श्रम के दुष्प्रभावों और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी तपन साहू ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सह-कार्यक्रम अधिकारी शुभम मिश्रा ने किया।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
