मेडिकल परीक्षण को जिला अस्पताल पहुंचा आरोपित सिपाही, लोगों का फूटा गुस्सा, पुलिस ने घेराबंदी कर बचाया
गोरखपुर। जिला अस्पताल से 10 वर्षीय मासूम बच्ची के कथित अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को गुरुवार को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जैसे ही उसके अस्पताल पहुंचने की सूचना लोगों को मिली, वहां पहले से मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोपित को देखकर कुछ लोगों ने उसके साथ हाथापाई और मारपीट का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपित को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया और कड़ी सुरक्षा के बीच मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया पूरी कराई।
मामले ने पूरे गोरखपुर को झकझोर दिया है। पुलिस के अनुसार, 10 वर्षीय बच्ची अपनी बड़ी बहन के लिए भोजन लेकर जिला अस्पताल आई थी, जो वहां भर्ती थी। भोजन देने के बाद वह घर लौटने के लिए निकली, लेकिन घर नहीं पहुंची। देर रात तक बेटी के घर न लौटने पर परिजन परेशान हो गए। बच्ची के पिता, जो ई-रिक्शा चालक हैं, अस्पताल पहुंचे और काफी देर तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद कोतवाली थाने में अपहरण की सूचना देकर मुकदमा दर्ज कराया गया।
ये खबर भी पढ़े : मुख्यमंत्री ने बुलाया तो दौड़कर मंच पर पहुंचीं महिलाएं, भेंट किया हाथ से बनाया गया चित्रजांच के दौरान पुलिस ने अस्पताल परिसर और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में पुलिस की वर्दी पहने एक युवक बच्ची को बाइक पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया। जांच में उसकी पहचान डायल-112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
गुरुवार सुबह चिलुआताल थाना क्षेत्र के चिऊटहा पुल के पास बच्ची का शव बरामद होने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराएं बढ़ाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले की विवेचना जारी है और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस हृदयविदारक घटना के बाद पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार में मातम पसरा हुआ है। पांच बहनों में दूसरे स्थान पर रही मासूम दीपिका की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल परिसर से लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों तक लोगों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। आरोपी को मेडिकल के लिए अस्पताल लाए जाने के दौरान भी लोगों का यही गुस्सा देखने को मिला।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा विभागीय स्तर पर सेवा से बर्खास्तगी की संस्तुति भी शासन को भेजी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना निष्पक्ष और तेजी से की जा रही है तथा उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध सशक्त आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
