35 स्वास्थ्य शिविरों में 1,530 मरीजों का हुआ उपचार, 461 मरीज उच्च उपचार के लिए किए गए रेफर

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अम्बेडकरनगर। जनपद में आयोजित विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। जिले के 35 प्राथमिक एवं शहरी स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/UPHC) पर लगाए गए 35 स्वास्थ्य शिविरों में कुल 1,530 मरीजों का पंजीकरण और उपचार किया गया। शिविरों के संचालन के लिए 49 चिकित्सक एवं 150 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की गई।
शिविरों में 685 पुरुष, 728 महिलाएं और 117 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कोविड हेल्प डेस्क पर 176 लोगों की जांच की गई, जबकि 34 लोगों की हेपेटाइटिस-बी तथा 29 लोगों की हेपेटाइटिस-सी की स्क्रीनिंग की गई। 16 लोगों की नेत्र जांच भी की गई। सभी जांचों में हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, मलेरिया और डेंगू का कोई भी पॉजिटिव मरीज नहीं मिला।
स्वास्थ्य शिविरों में 194 बुखार के मरीज, 199 त्वचा रोग, 155 श्वसन संबंधी रोग, 140 मधुमेह, 137 गैस्ट्रो रोग, 87 उच्च रक्तचाप, 32 टीबी संदिग्ध, 58 गर्भवती महिलाओं (एएनसी), 13 लीवर रोग, 10 एनीमिया, 6 कुपोषित बच्चों तथा अन्य बीमारियों के मरीजों का परीक्षण एवं उपचार किया गया।
इसके अलावा 83 मलेरिया रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट, 14 डेंगू जांच, 53 लोगों को तंबाकू छोड़ने संबंधी परामर्श, 9 आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA) आईडी बनाई गईं तथा 1 मरीज को टेलीमेडिसिन सेवा से परामर्श उपलब्ध कराया गया।
गंभीर या विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता वाले 461 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया गया। इनमें 4 मरीज मेडिकल उपचार, 1 नेत्र शल्य चिकित्सा तथा 1 ईएनटी सर्जरी के लिए रेफर किए गए।
नोडल अधिकारी डॉ. जय प्रकाश ने बताया कि ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लोगों को उनके घर के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा गंभीर मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाना है।

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क्षेत्रीय पत्रकारिता में 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले पवन सारस्वत अंबेडकरनगर में सक्रिय हैं और स्थानीय मुद्दों पर गहरी पकड़ रखते हैं। ज़मीनी रिपोर्टिंग और प्रशासनिक मामलों की समझ के साथ उन्होंने लंबे समय तक भरोसेमंद कवरेज किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।

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