सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : गडकरी
देश में हर साल औसतन पांच लाख होती हैं सड़क दुर्घटनाएं
नई दिल्ली। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम में कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए व्यापक स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। भारत में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें होती हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
गडकरी ने यहां मंगलवार को उबर के एक कार्यक्रम में कहा अब सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले को पुलिस या कानूनी झंझटों में नहीं उलझना पड़ेगा। मदद करने वाले व्यक्ति को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति का किसी भी अस्पताल में इलाज कराने पर डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च सरकार वहन करेगी।
ये खबर भी पढ़े : सीएम मोहन यादव दो दिवसीय बैतूल दौरे पर, कुकरू में करेंगे रात्रि चौपाल और ग्रामीणों से संवादउन्होंने कहा कि देश में हर साल औसतन पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और करीब 1.80 लाख लोगों की मौत होती है। इन हादसों से देश की जीडीपी का लगभग तीन फीसदी नुकसान होता है। इन दुर्घटनाओं में 66 फीसदी पीड़ित 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के होते हैं। सड़क दुर्घटनाएं न केवल जान लेती हैं बल्कि कई लोगों को स्थायी रूप से अपंग बना देती हैं।
गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के चार अहम हिस्से सड़क इंजीनियरिंग, वाहन इंजीनियरिंग, प्रवर्तन और जन जागरूकता हैं। इनमें सड़क इंजीनियरिंग सबसे महत्वपूर्ण है। इसके तहत देशभर की सड़कों के ब्लैक स्पॉट और पहाड़ी इलाकों के भूस्खलन वाले हिस्सों की पहचान की गई है। इन ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अंडरपास और अन्य ढांचागत निर्माण अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए वाहनों की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों को भी सख्ती से लागू किया जा रहा है। प्रवर्तन के तहत यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, जनजागरूकता के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि लोग सड़क पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें।
गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि समाज के हर वर्ग को इसमें सहयोग करना होगा। जागरूकता और जिम्मेदारी से ही सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
