हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना, चार साल बाद भी पालना नहीं
काउंसिल सचिव को जमानती वारंट से तलब किया
जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने न्यायालय के आदेश की चार वर्ष बीतने के बावजूद पालना नहीं किए जाने और अवमानना याचिका के नोटिस तामील होने के बाद भी संबंधित अधिकारी के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने को गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट की एकलपीठ के न्यायाधीश अशोक कुमार जैन ने राजस्थान स्टेट एलाइड एवं हेल्थकेयर काउंसिल, जयपुर के सचिव उत्तम सिंह शेखावत को जमानती वारंट जारी कर व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।
मामले के अनुसार राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने ईसीजी तकनीशियन के नियमित पदों पर भर्ती के लिए 30 जुलाई 2020 को विज्ञप्ति जारी कर आवेदन आमंत्रित किए थे। इसके तहत महेंद्र सहित सात अभ्यर्थियों ने आवेदन प्रस्तुत किए थे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता यशपाल खिलेरी ने न्यायालय को बताया कि प्रथम चरण की न्यायिक कार्यवाही में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं के ईसीजी तकनीशियन डिप्लोमा का पंजीयन कर पंजीयन प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए थे।
अधिवक्ता के अनुसार पंजीयन प्रमाण पत्र जारी किए जाने के बाद उसे निरस्त कर दिया गया, जिसके चलते याचिकाकर्ताओं ने पुन: हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने विस्तृत निर्णय पारित करते हुए याचिकाकर्ताओं के पक्ष में याचिका स्वीकार की तथा तीन सप्ताह के भीतर स्थायी पंजीयन प्रमाण पत्र जारी करने और इसके बाद ईसीजी तकनीशियन के पद पर नियुक्ति देने के महत्वपूर्ण आदेश दिए। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 27 मई 2022 को निर्णय पारित कर याचिकाकर्ताओं को नियुक्ति देने के निर्देश दिए थे। आदेश की पालना नहीं होने पर याचिकाकर्ताओं ने अधिवक्ता यशपाल खिलेरी के माध्यम से वर्ष 2022 में अवमानना याचिका दायर कर न्यायालय के आदेश की पालना करवाने की मांग की।
अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट की ओर से नोटिस जारी किए गए और संबंधित पक्ष को नोटिस तामील भी हो गए। इसके बावजूद करीब चार वर्ष बीत जाने के बाद भी न्यायालय के आदेश की पालना नहीं की गई। वहीं, राजस्थान स्टेट एलाइड एवं हेल्थकेयर काउंसिल, जयपुर के सचिव उत्तम सिंह शेखावत भी न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने सचिव उत्तम सिंह शेखावत को जमानती वारंट के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। हाईकोर्ट ने अवमानना प्रकरण की अगली सुनवाई के लिए 17 अगस्त की तारीख निर्धारित की है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
